
रामगढ़: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), चितरपुर में शनिवार को प्रोजेक्ट IMPACT-NEP के तहत एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना था।
झारखंड शिक्षा परियोजना, रामगढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त ऋतुराज एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान जिले के विभिन्न शहरी और सुदूरवर्ती क्षेत्रों से पहुंचे प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों से उपायुक्त ने सीधा संवाद भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि शिक्षा समाज की मजबूत नींव है और इसे बेहतर बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया।
उपायुक्त ने शिक्षकों को नियमित मासिक बैठक आयोजित करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों में बेहतर वातावरण, सुव्यवस्थित क्लासरूम, चेतना सत्र, पढ़ाई के साथ खेलकूद गतिविधियों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। बच्चों के बौद्धिक और शैक्षणिक विकास के लिए उन्होंने नियमित रूप से RAIL टेस्ट आयोजित करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर पाठ्यक्रम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी स्कूलों में टीएलएम (Teaching Learning Material) की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित शिक्षकों को “आदर्श क्लासरूम” की अवधारणा पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद उपायुक्त ने एक अनूठी गतिविधि के तहत शिक्षकों को चार समूहों में बांटकर अलग-अलग कक्षाएं आवंटित कीं और यह प्रदर्शित करने को कहा कि एक सामान्य कक्षा को आदर्श क्लासरूम में कैसे बदला जा सकता है।
इस दौरान सभी शिक्षकों ने स्वयं विद्यार्थियों की भूमिका निभाते हुए उत्साहपूर्वक कक्षाओं को सजाया और रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया। वहीं उपायुक्त ऋतुराज ने स्वयं “क्लास टीचर” की भूमिका निभाकर शिक्षकों के कार्यों का निरीक्षण किया।
गतिविधि के बाद उपायुक्त ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इसी तरह समर्पण और रचनात्मकता के साथ कार्य करने से विद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण और बच्चों की पढ़ाई दोनों बेहतर होंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन, स्कूलों के संस्थागत विकास और बच्चों के व्यवहारिक रूपांतरण में ऐसी पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
कार्यशाला में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी निशा कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. प्रभात शंकर, जिला योजना पदाधिकारी संतोष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम, जिला शिक्षा अधीक्षक संजीत कुमार, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नलिनी रंजन, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं विभिन्न हाई स्कूलों के प्रधानाध्यापक उपस्थित थे।
With inputs from IANS