एसआईआर के नाम से कांग्रेस को आखिर इतनी बेचैनी क्यों : आदित्य साहूBy Admin Tue, 19 May 2026 06:30 PM

RANCHI: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि एसआईआर के नाम से कांग्रेस को आखिर इतनी बेचैनी क्यों है ? जबकि यह चुनाव आयोग द्वारा कराया जाने वाला एक नियमित और संवैधानिक प्रक्रिया है। एसआईआर के विरोध के पीछे केवल अपने घुसपैठिये फर्जी वोटरों को बचाना ही कांग्रेस का हिडन एजेंडा है। एसआईआर पर कांग्रेस की छटपटाहट की असली वजह को जनता बखूबी समझ रही है। दरअसल एसआईआर होने से राज्य में वोट बैंक के लिए फर्जी तरीके से बसाए गए मतदाताओं का पत्ता साफ होना तय है, इसी चिंता से कांग्रेसी बौखलाए हुए हैं और अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। अब राज्य में ये फर्जी एवं अयोग्य मतदाता किस दल के वोट बैंक है, ये किसके लिए चुनावी चूरन हैं, बतलाने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस इस मामले को तूल देकर अपनी हिडन एजेंडा को साध रही है। कांग्रेस झारखंड के मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर इसे राजनीति रंग देने का काम कर रही है। 

श्री साहू ने कहा कि देश में एसआईआर क्या कोई पहली बार हो रहा है ? यह एक नियमित और संवैधानिक प्रक्रिया है। चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए इस तरह का अभियान चलाया जाता रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मरे हुए, डुप्लीकेट या किसी दूसरे जगह जा चुके  मतदाताओं के नाम हटाना और योग्य नए मतदाताओं का नाम  जोड़ना होता है।  

श्री साहू ने कहा कि दरअसल देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया में एसआईआर एक पार्ट है। देश की आजादी के बाद से अब तक आठ बार किया जा चुका है। अधिकांश एसआईआर तो कांग्रेस के जमाने में ही हुआ तब उसका विरोध कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों ने क्यों नहीं किया ? कांग्रेस इसे केवल राजनीतिक मुद्दा बना रही है।अंतिम बार 2004 में किया गया है। मोदी सरकार तो 2014 में आई। इसके पूर्व जितने बार एसआईआर हुए, एक बार को छोड़कर सदैव देश में कांग्रेस या उनकी गठबंधन की ही सरकार देश में रही। तब इस नियमित एसआईआर पर किसी ने कभी आपत्ति नहीं जताई। आखिर अब केंद्र में मोदी सरकार के दौरान प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति क्यों ? 

श्री साहू ने कहा कि यह पूरी तरह चुनाव आयोग का काम है।  चुनाव आयोग इस गहन पुनरीक्षण के तहत यह सुनिश्चित करता है कि देश में  कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र मतदाता, इस में सूची में फर्जीवाड़ा कर अपना नाम नहीं शामिल कर सके। इसके लिए मतदाता सूची में 18 साल पूरा करने वाले मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 तथा सुधार अथवा करेक्शन के लिए फॉर्म 8 भरना आवश्यक किया गया है। 

श्री साहू ने कहा कि एसआईआर एक ऐसा फिल्टर है जो हर राज्य में होना जरूरी है। झारखंड में किसी वास्तविक वोटर का नाम नहीं कटेगा। जो वास्तविक वोटर हैं, जो देश की नागरिक होने की अहर्ता रखते हैं उनमें कहीं कोई घबराहट नहीं है। घबराहट और बेचैनी कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों में है।

श्री साहू ने कहा कि जिस SIR को लेकर राहुल गांधी लगातार सवाल उठाते रहे हैं। उनकी ही पार्टी के नेता शशि थरूर ने कहा है कि SIR में फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से केरल में कांग्रेस को फायदा हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि SIR पर राहुल गांधी सिर्फ भ्रम और प्रोपेगेंडा फैलाने की राजनीति कर रहे हैं।