झारखंड में नई SOP लागू, OPS और NPS कर्मियों के लिए GPF नंबर आवंटन प्रक्रिया का हुआ निर्धारण By Admin Wed, 20 May 2026 05:10 PM

रांची: झारखंड मे पुरानी पेंशन स्कीम(OPS)  और नैशनल  पेंशन स्कीम (NPS) को लेकर राज्य सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर डी गई है। झारखंड सरकार ने राज्य कर्मियों को सामान्य भविष्य निधि (GPF) लेखा संख्या आवंटित करने की प्रक्रिया को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। वित्त विभाग की ओर से जारी इस व्यवस्था में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के बीच विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 दिसंबर 2004 से 31 अगस्त 2022 के बीच नियुक्त कर्मियों को विकल्प के आधार पर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) में शामिल होने का मौका दिया गया था। इसके तहत OPS चुनने वाले कर्मियों को N-series (PRAN Linked) GPF नंबर दिया गया है। ऐसे कर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद PRAN खाते में जमा सरकारी अंशदान और ब्याज की राशि सरकार को वापस करनी होगी। वहीं 31 अगस्त 2022 के बाद नियुक्त कर्मियों को स्वतः ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में रखते हुए D-series GPF नंबर आवंटित किया जा रहा है।
वित्त विभाग ने नई SOP में उन कर्मचारियों के लिए भी विस्तृत व्यवस्था तय की है, जो पहले किसी अन्य सेवा में कार्यरत थे और बाद में दूसरी सेवा में नियुक्त हुए हैं। निर्देश के मुताबिक, जिन कर्मियों की पुरानी सेवा नई सेवा में जोड़ी जाएगी, उनकी GPF कटौती पुराने खाते में जारी रहेगी। बाद में नई सेवा का GPF नंबर जारी कर पुरानी राशि उसमें स्थानांतरित की जाएगी और पुराना खाता बंद कर दिया जाएगा।
यदि किसी कर्मचारी की पुरानी सेवा जोड़ने की पात्रता नहीं होगी, तो उसे पहले पुराने GPF या PRAN खाते की राशि निकालनी होगी। इसके बाद घोषणा पत्र जमा करने पर नई service के लिए D-series GPF नंबर आवंटित किया जाएगा। केंद्र सरकार या अन्य सेवाओं से झारखंड सरकार की सेवा में आने वाले कर्मियों के लिए भी अलग प्रक्रिया तय की गई है। सेवा जोड़ने की स्थिति और वसूली की आवश्यकता के आधार पर N-series या D-series GPF नंबर जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा, अखिल भारतीय सेवा (AIS) में प्रोन्नत अधिकारियों के लिए भी नई प्रक्रिया लागू की गई है। ऐसे मामलों में पुरानी GPF राशि को नई सेवा के खाते में हस्तांतरित किया जाएगा। वित्त विभाग ने कहा है कि यदि किसी कर्मी की सेवा निरंतरता मान्य नहीं पाई जाती है, तो उसे नई व्यवस्था के तहत D-series GPF नंबर आवंटित किया जाएगा। प्रस्ताव को वित्त मंत्री की मंजूरी मिल चुकी है।