झारखण्ड चैम्बर ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को सौंपा विस्तृत ज्ञापनBy Admin Wed, 20 May 2026 08:57 PM

फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने आज रांची प्रवास के दौरान माननीय केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू से शिष्टाचार मुलाकात कर झारखण्ड के विमानन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर माननीय रक्षा राज्यमंत्री श्री संजय सेठ जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार, नए एयरपोर्ट निर्माण, एयर कार्गो सुविधाओं के विकास, धार्मिक एवं औद्योगिक पर्यटन को बढ़ावा देने, मेडिकल एविएशन नेटवर्क, विमानन प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना एवं यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखीं। चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखण्ड देश के प्रमुख खनिज एवं औद्योगिक राज्यों में शामिल होने के बावजूद अभी भी पर्याप्त एयर कनेक्टिविटी से वंचित है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, देवघर, हजारीबाग एवं पलामू जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में बेहतर हवाई सेवाओं की अत्यंत आवश्यकता है। चैम्बर अध्यक्ष ने रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को पूर्ण अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्रदान करने तथा दुबई, दोहा, सिंगापुर, बैंकॉक एवं काठमांडू के लिए सीधी उड़ानें प्रारंभ करने की मांग की। साथ ही एयर कार्गो टर्मिनल, रनवे विस्तार एवं अत्याधुनिक नाइट लैंडिंग सुविधाओं के विकास का भी आग्रह किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर/धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग करते हुए कहा कि यह परियोजना कोल्हान एवं पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। धनबाद एयरपोर्ट को उड़ान योजना से जोड़ने, बोकारो एयरपोर्ट से नियमित व्यावसायिक उड़ानें प्रारंभ करने तथा देवघर एयरपोर्ट का विस्तार कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने का भी आग्रह किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में एयर कार्गो एवं लॉजिस्टिक हब विकसित करने, कृषि एवं एमएसएमई उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तथा एयर फ्रेट सब्सिडी की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया। ज्ञापन में राज्य के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा, हेलिपैड नेटवर्क एवं मेडिकल एविएशन नेटवर्क विकसित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही झारखण्ड के पर्यटन स्थलों—नेतरहाट, बेतला, पारसनाथ, सरांदा एवं पत्रातू घाटी को जोड़ते हुए “झारखण्ड टूरिज्म एयर सर्किट” विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने रांची एयरपोर्ट में पार्किंग एवं ट्रैफिक जाम की समस्या, घने कोहरे के कारण उड़ानों में होने वाली देरी एवं डायवर्जन का मुद्दा भी उठाया तथा CAT-II ILS सिस्टम स्थापित करने एवं एयरपोर्ट के सामने स्थित डिफेंस भूमि पर आधुनिक पार्किंग सुविधा विकसित करने का सुझाव दिया। प्रतिनिधिमंडल ने हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए आम यात्रियों एवं एमएसएमई क्षेत्र को राहत देने हेतु एयरफेयर को संतुलित रखने, लाइट फेयर योजना लागू करने, मेडिकल डिस्काउंट देने एवं टियर-2 एवं टियर-3 शहरों के लिए एयरलाइंस को प्रोत्साहन देने का भी आग्रह किया।

माननीय केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरता से सुना तथा राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास हेतु सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने एवं छोटे शहरों को राष्ट्रीय एविएशन नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मंत्री को बाइक रैली के माध्यम से एयरपोर्ट तक विदा किया।

प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, सह सचिव नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, डॉ. अभिषेक रामाधीन, तुलसी पटेल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, उप समिति चेयरमैन श्रवण राजगढ़िया शामिल थे।