झारखंड में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका, 27 उग्रवादियों ने छोड़ा हथियारBy Admin Thu, 21 May 2026 12:43 PM

रांची: झारखंड में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य सरकार की “ऑपरेशन नवजीवन” पहल के तहत कोल्हान, सारंडा और गुमला इलाके में सक्रिय कुल 27 उग्रवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इनमें भाकपा माओवादी और जेजेएमपी संगठन के कई सक्रिय सदस्य और कमांडर शामिल हैं।

झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, राज्य में लगातार चल रहे अभियान और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक 44 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 29 उग्रवादियों ने सरेंडर किया है। इसके अलावा विभिन्न मुठभेड़ों में 22 नक्सली मारे जा चुके हैं।

पुलिस ने बताया कि कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भाकपा माओवादी संगठन के 25 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 6 सब-जोनल कमांडर और 6 एरिया कमांडर भी शामिल हैं। सरेंडर के दौरान उनके पास से 16 हथियार और 2857 गोलियां बरामद की गईं। वहीं गुमला जिले में सक्रिय जेजेएमपी के 2 उग्रवादियों ने भी एक हथियार और 130 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया।

अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले अधिकांश उग्रवादी पश्चिमी सिंहभूम और गिरिडीह जिले के रहने वाले हैं। पुलिस का मानना है कि इस सरेंडर से कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा। साथ ही अन्य उग्रवादियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की गई है।

डीजीपी तदाशा मिश्रा और आईजी ऑपरेशन नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड पुलिस उग्रवाद के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहायता दी जाएगी।