
एक ईसाई की पैतृक जमीन पर गैर आदिवासी ने कब्जा कर मकान बना लिया। न्यायालय भूमि सुधार उप समाहर्ता, रामगढ़ के भू वापसी वाद संख्या 03/2024 पीड़ित के पक्ष में आदेश होने के बाद गुरूवार को दखल दिहानी करवाया गया। आवेदिका निशा हेमरोम, पता- नया टोली, पत्थल कुदवा, थाना लोअर बाजार, जिला रांची ने अनुरोध किया था। आवेदिका ने बताया कि भूमि मौजा- बड़कीपोना खाता संख्या 70, प्लाट संख्या 1458 मध्य रकवा 10 डिसमिल, 21 डिसमिल है। उक्त जमीन के 21 डिसमिल हिस्से में राजेश महतो एवं संतोष ठाकुर 10 डिसमिल पर अवैध कब्जा कर लिया है। उसके द्वारा उक्त जमीन पर पक्का मकान एवं सीट युक्त मकान का निर्माण किया गया है। पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण ली। जहां जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की गई। लगभग 2 साल तक सुनवाई चली। सुनवाई में अनावेदक द्वारा अवैध कब्जा कर मकान निर्माण किया जाना प्रमाणित हुआ। जिसके बाद न्यायालय से अवैध कब्जा हटवाने राजेश एवं संतोष की बेदखली का अादेश जारी हुआ। आदेश कॉपी की अंचल अधिकारी चितरपुर और आवेदक-अनावेदक को भेजी गई। अनावेदक को 15 दिन के भीतर कब्जा हटाने की मोहलत देते हुए 21 मई यानी गुरुवार को कब्जा हटाने की कार्रवाई का आदेश हुआ था। गुरुवार को मुरेश चौधरी (सीआई), कर्मचारी अमित लोहरा, अंचल निरीक्षक पवन यादव मौके पर बेदखली कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे। पुलिस सुरक्षा के लिए रजरप्पा थाना से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जहां आवेदक के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। इस दौरान मकान पर तालाबंदी (सील) की गई। बताते चले कि जैबियर हेमरोम बनाम राजेश महतो में उक्त भूमि 21 डिसमिल पर दखल दिहानी का पारित हुआ था। जबकि संतोष ठाकुर के भूमि 10 डिसमिल पर भी दखल दिहानी पारित था।
न्यायालय से अवैध कब्जा हटाने जारी आदेश के बाद अनावेदक को 15 दिन का समय दिया गया। बावजूद इसके कब्जा नहीं हटाया गया। निर्धारित समय के बाद गुरुवार को कार्रवाई की गई। बताते चले कि झारखंड में अवैध कब्जे वाली आदिवासी जमीन की वापसी के लिए राज्य सरकार ने "दखल-दिहानी" (दखल दिलाने) की प्रक्रिया को कड़ा कर दिया है, जिसके तहत एसएआर (Scheduled Area Regulation) कोर्ट के आदेश पर जमीनों को मुक्त कराया जा रहा है।