राज्यसभा चुनाव का ऐलान, झामुमो-काँग्रेस में खींचतान, नाथवानी की इंट्री से मचा सियासी तूफान ! By Admin Fri, 22 May 2026 02:17 PM

GYAN RANJAN/ RANCHI : झारखंड की 2 राज्यसभा सीटों पर चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्यसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही सत्ताधारी गठबंधन झामुमो और काँग्रेस में खींचतान शुरू हो गया है। झामुमो और काँग्रेस के बीच यह चुनाव विरासत की साख बनाम राष्ट्रीय वजूद का मामला बन गया है। इस बीच देश के सबसे बड़े औधयोगिक घराने से ताल्लुक रखनेवाले परिमल नाथवानी की राज्यसभा चुनाव मे झारखंड मे फिर से इंट्री की खबर ने सियासी तूफान को बढ़ा दिया है। झामुमो की मंशा है कि दोनों नहीं सीटों पर वह अपना प्रत्याशी दे वहीं काँग्रेस चाहती है कि इस बार झामुमो एक सीट काँग्रेस को दे। इन दोनों के बीच भाजपा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर अपना पत्ता नहीं खोला है। झारखंड मे राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक प्रत्याशी को प्रथम वरीयता का 28 मत आना अनिवार्य है। राज्य मे विधानसभा की सीटों की संख्या 81 है। दलगत आँकड़े पर गौर किया जाए तो सत्ताधारी गठबंधन के पास 56 विधायक हैं। जिसमें झामुमो के 34, काँग्रेस के 16, राजद के 4 और भकपा माले के 2 विधायक हैं। वहीं विपक्ष मे 25 विधायक हैं जिसमें भाजपा के 21, जदयू, लोजपा, आजसू और जेएलकेएम के एक-एक विधायक हैं। सत्ताधारी गठबंधन मे यदि दोनों सीटों के लिए समझौता होता है तो आसानी से प्रथम वरीयता के लिए जरूरी 28 मतों को प्राप्त कर दोनों ही सीट निकाली जा सकती है, लेकिन जिस तरह से अभी झामुमो और काँग्रेस के बीच किचकिच चल रही है उससे राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि झारखंड से भाजपा के राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। झामुमो से राज्यसभा सांसद दिशोंम गुरु शिबू सोरेन वर्ष 2020 मे निर्वाचित हुए थे। उनके निधन के बाद से ही सीट खाली है। 
भाजपा ने अबतक नहीं खोला है पत्ता 
राज्यसभा चुनाव को लेकर राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा ने अबतक पत्ता नहीं खोला है। पिछले दिनों प्रदेश भाजपा की कोर कमिटी की बैठक हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा की कोर कमिटी की बैठक मे राज्यसभा चुनाव को लेकर किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई थी। आँकड़े को देखा जाए तो भाजपा के साथ यदि विपक्ष के सभी दल मिल भी जाते हैं तो जीत के लिए जरूरी 28 का आंकड़ा उनके पास नहीं है। जदयू, लोजपा, आजसू और जेएलकेएम के विधायकों को मिल देने के बाद भी आंकड़ा 25 पर आकार ठहर जाता है। 
नाथवानी हो सकते हैं निर्दलीय प्रत्याशी 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिमल नाथवानी पिछले दो महीने से झारखंड से राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयारी मे जूते हुए हैं। वर्ष 2008 मे जब नाथवानी पहली बार झारखंड से राज्यसभा चुनाव लड़ने आये थे उस समय भी उन्होनें भाजपा मे सेंधमारी की थी और ठोस अंकगणित तैयार कर दूसरी वरीयता के वोट के आधार पर चुनाव जीतने मे सफल हो गए थे। वर्ष 2014 मे जब वे दोबारा झारखंड से राज्यसभा के लिए चुनाव लड़े थे तो उस समय भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे मैदान मे उतरे थे और भाजपा और आजसू का उन्हें समर्थन मिल था। इस बार भी जो जानकारी मिल रही है कि नाथवानी निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे और भाजपा का उन्हें समर्थन मिलेगा। 
सुबोधकांत और धीरज प्रसाद साहू भी रेस में 
काँग्रेस पार्टी इस बार गठबंधन के तहत झामुमो से एक सीट की मांग कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू का तर्क है कि पार्टी ने हर बार विधानसभा में जेएमएम के उम्मीदवारों को उच्च सदन भेजने के लिए बिना शर्त समर्थन दिया है. अब जब गठबंधन के पास दो सीटें जीतने की क्षमता है, तो कम से कम एक सीट पर कांग्रेस का हक बनता है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर उसका वजूद मजबूत हो सके. यह चुनाव महज दो सांसदों को दिल्ली भेजने का मामला नहीं है, बल्कि यह इंडिया गठबंधन की एकजुटता और क्षेत्रीय बनाम राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सबसे बड़ा लिटमस टेस्ट साबित होने जा रहा है. जानकारी के अनुसार काँग्रेस पार्टी से पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू रेस में हैं। पिछले की महीनों से धीरज प्रसाद साहू लगातार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की परिक्रमा करते हुए देखे जा रहे हैं। वरिष्ठता के आधार पर सुबोधकांत सहाय भी अपनी दावेदारी को कायम किए हुए हैं। 
झामुमो से अंजली सोरेन के नाम की चर्चा 
इधर जानकारी मिल रही है कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो अपना प्रत्याशी देने की सोच रहा है। आज तो राज्यसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने घोषणा ही की है, अभी गठबंधन के दलों मे इसपर चर्चा के बाद ही अंतिम  नतीजे पर पहुँच जा सकता है। लेकिन इस बीच गुरुजी की पुत्री और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बहन अंजली सोरेन का नाम झामुमो के एक प्रत्याशी के तौर पर सामने आ रहा है। 
भाजपा लगा सकती है सीता सोरेन पर दाव 
भले ही भाजपा की कोर  कमिटी की बैठक मे राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा नहीं हुई हो लेकिन अंदर खाने चुनाव में प्रत्याशी देने को लेकर खिचड़ी पक रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा गुरुजी की बड़ी पुत्रवधू सीता  सोरेन पर दाव खेल सकती है। कहा जा रहा है कि भाजपा की सोच है कि झामुमो के पास प्रथम वरीयता के 28 वोट के अलावा शेष 8 वोट बच जाते हैं। सीता सोरेन को प्रत्याशी बनाकर भाजपा की मंशा झामुमो के शेष वोट पर सेंधमारी की है।