वित्तीय अनुशासन और राजस्व वृद्धि पर सीएम हेमंत सोरेन का जोर, विभागों को दिए पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देशBy Admin Mon, 25 May 2026 06:41 PM

रांची : Hemant Soren ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रह, बजट प्रबंधन और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बजट प्रावधानों के प्रभावी उपयोग, राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति और विकास योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में राज्य के आय-व्यय, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियों और केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदानों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

समीक्षा के दौरान विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। योजनाओं के खर्च, लक्ष्य प्राप्ति और क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

खनन राजस्व में झारखंड की मजबूत स्थिति

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खनन राजस्व के मामले में झारखंड की स्थिति पड़ोसी राज्यों Odisha और Chhattisgarh से बेहतर है। अधिकारियों ने इसका श्रेय खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी नीतियों और प्रभावी निगरानी व्यवस्था को दिया।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण, पारदर्शिता बनाए रखने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

बायोमैट्रिक व्यवस्था और ई-गवर्नेंस पर जोर

हेमंत सोरेन ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक प्रणाली के व्यापक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने सभी विभागों में बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को साझा दृष्टिकोण के साथ कार्य करने और विकास योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।

वाणिज्य-कर विभाग को राजस्व बढ़ाने का निर्देश

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा के दौरान जीएसटी अनुपालन, कर संग्रह और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने जीएसटी, वैट, प्रोफेशनल टैक्स और अन्य राज्य स्तरीय करों से प्राप्त राजस्व का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण, स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देने और तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के निर्देश भी दिए।

करदाताओं को सुविधा देने पर फोकस

बैठक में करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को सरल और सुविधाजनक बनाने पर भी चर्चा हुई, ताकि राजस्व संग्रह में लगातार वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में वित्त मंत्री Radha Krishna Kishore, मुख्य सचिव Avinash Kumar, विकास आयुक्त Ajay Kumar Singh, वित्त सचिव Prashant Kumar, वाणिज्य-कर विभाग के सचिव Amit Kumar समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।