राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल, करोड़ो का स्प्रिंकलर सिस्टम बंद, कई वार्डों से गायब अग्निशामक यंत्रBy Admin Tue, 26 May 2026 08:02 PM

रांची :  झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और रिम्स प्रशासन भले ही सुरक्षा को लेकर बड़े दावे करता हो, लेकिन अस्पताल की जमीनी स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
अस्पताल जैसी संवेदनशील संस्था में शॉर्ट सर्किट, ऑक्सीजन पाइपलाइन और अन्य तकनीकी कारणों से आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे हालात से निपटने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर ऑटोमेटिक फायर स्प्रिंकल सिस्टम लगाया गया था, ताकि आपात स्थिति में आग पर तुरंत काबू पाया जा सके। मगर रिम्स के फायर पंप रूम में कई खामियां देखने को मिलीं। कई वर्षों से लगाए गए पंप कार्यरत नहीं मिले और कई पाइपलाइन में जंग लग चुकी है। कई नोजल भी खराब अवस्था में पाए गए। इतना ही नहीं, कई जगहों पर पानी की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं की गई है, जिससे पूरे सिस्टम की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।

अग्निशामक यंत्रों की स्थिति भी चिंताजनक नजर आई। बड़े अधिकारियों और डॉक्टरों के केबिन के आसपास तो फायर एक्सटिंग्विशर दिखे, लेकिन कई वार्डों में सिर्फ उनके स्टैंड बने मिले और सिलेंडर गायब थे। कुछ वार्डों में मौजूद सिलेंडरों में जंग लगी हुई दिखाई दी और लंबे समय से सर्विसिंग नहीं होने के संकेत मिले।


जिसे मिला था टेंडर वह एजेंसी फरार

इस मामले पर रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार ने कहा कि ऑटोमेटिक फायर स्प्रिंकल सिस्टम का टेंडर जिस एजेंसी को दिया गया था, वह फिलहाल फरार है। हालांकि रिम्स प्रबंधन ने नई निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही सिस्टम को चालू करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि फायर एक्सटिंग्विशर की सर्विसिंग की प्रक्रिया चालू है वह कार्य भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। डायरेक्टर ने कहा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रिम्स में प्रशिक्षित कर्मियों की टीम मौजूद है।