सीएम हेमंत की सख्त हिदायत : एकल शिक्षक के भरोसे नहीं चलेगा कोई स्कूल, 5 हजार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने में लाएं तेजीBy Admin Tue, 26 May 2026 08:43 PM

रांची : मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं, विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत संरचना और छात्र-छात्राओं को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पारदर्शिता के साथ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के साथ आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणामों में लगातार सुधार हो रहा है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि नव नियुक्त शिक्षकों का सत्यापन कार्य इस माह के अंत तक पूरा कर समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

ड्रॉप आउट मामलों में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में लगातार कमी आई है और इस मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विभाग अभियान चलाकर स्कूल छोड़ चुके बच्चों का दोबारा नामांकन सुनिश्चित कर रहा है। श्रम विभाग के सहयोग से मजदूरी या अन्य कार्यों में लगे बच्चों की पहचान भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने और आईसीटी लैब को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम कमजोर है, वहां शिक्षकों, संसाधनों और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार पर विशेष फोकस किया जाए।

5 हजार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना पर तेजी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में CM School of Excellence की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से काम किया जाए, ताकि पंचायत स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगले 6 से 8 महीनों के भीतर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे न चले। विद्यालय प्रबंधन समितियों के सहयोग से योग्य स्थानीय युवाओं, विशेषकर छात्राओं, को शिक्षक के रूप में जोड़ने का निर्देश भी दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था में एकरूपता लाई जाए और पायलट प्रोजेक्ट के तहत परिवहन सुविधा शुरू की जाए ताकि बच्चों को समय पर स्कूल आने-जाने में सुविधा मिल सके। साथ ही स्कूल परिसरों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।

अभिवंचित बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में संचालित Netaji Subhash Chandra Bose Residential Schools में अध्ययनरत अभिवंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर आवासीय सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में ऐसे 26 विद्यालय संचालित हैं, जहां लगभग 4 हजार बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा और आवासीय सुविधा दी जा रही है।

पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाए। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि विद्यालयों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई जा रही है और राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में झारखंड की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय के लिए एक सप्ताह में डीपीआर देने का निर्देश

बैठक में अधिकारियों ने रांची के जगुआर कैंपस में प्रस्तावित Dishom Guru Shibu Soren School की स्थापना से जुड़ी योजना का प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय निर्माण के लिए 6 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना से संबंधित विस्तृत डीपीआर एक सप्ताह के भीतर सरकार को सौंपने का निर्देश दिया। यह विद्यालय शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के प्रबंधन से भी बातचीत कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।