बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का पलटवार, दूरबीन दिखाकर कसा तंजBy Admin Wed, 27 May 2026 05:21 PM

रांची: झारखंड की राजनीति में बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस सबसे ज्यादा चर्चा में रही। भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री ने ऐसा तंज कसा, जिसने पूरे कार्यक्रम की सुर्खियां बटोर लीं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इरफान अंसारी ने मंच पर एक दूरबीन उठाई और कहा, “मैं बाबूलाल मरांडी के लिए ये दूरबीन गिफ्ट करने जा रहा हूं, आज ही कूरियर कर दूंगा।” मंत्री ने आगे कहा कि बाबूलाल मरांडी इसी दूरबीन से जाकर उन एंबुलेंस को ढूंढ लें, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया है कि 251 एंबुलेंस बेकार खड़ी हुई हैं।

दरअसल, बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बड़ी संख्या में एंबुलेंस इस्तेमाल के बिना खड़ी हैं। इसी बयान पर पलटवार करते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि अगर इतनी एंबुलेंस खड़ी हैं तो उनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि विपक्ष सिर्फ सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।

दूरबीन दिखाने वाला यह पल प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया। मंत्री के बयान के बाद वहां मौजूद लोग भी मुस्कुराते नजर आए और देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में कई पुरानी एंबुलेंस काफी ज्यादा चल चुकी हैं, इसलिए नई एंबुलेंस की जरूरत महसूस की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार नई व्यवस्था पर काम कर रही है और जल्द ही दुमका और रांची में नए कॉल सेंटर शुरू किए जाएंगे। मंत्री के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने के बाद फोन करने के 15 मिनट के भीतर मरीजों तक एंबुलेंस पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

दवा घोटाले के आरोपों पर सफाई देते हुए मंत्री ने कहा कि कई दवाएं आपदा और विशेष बीमारियों को ध्यान में रखकर पहले से खरीदी जाती हैं। बीमारी कम होने या जरूरत घटने पर कुछ दवाएं स्टॉक में बच जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में खराब पाई गई दवाओं का भुगतान नहीं किया गया और उन्हें वितरण से रोक दिया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को खुली चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर आरोपों का प्रमाण पेश किया जाए, नहीं तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

इसके अलावा मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य विभाग देश में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है और सरकार इसे पहले स्थान तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने रिम्स-दो, स्नातकोत्तर सीटों में बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सेवाओं में नई तकनीक शामिल करने की योजनाओं की भी जानकारी दी।