भगवान बिरसा जैविक उद्यान में गौर की दूसरी पीढ़ी का जन्मBy Admin Wed, 27 May 2026 05:32 PM

रांची: रांची के ओरमांझी में स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान में वन्यजीव संरक्षण और प्रजनन के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली है। उद्यान में 20 मई 2026 को एक मादा गौर ने स्वस्थ शावक को जन्म दिया। मां और शावक दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों और पशुपालकों की निगरानी में उनकी देखभाल की जा रही है।

उद्यान प्रशासन के अनुसार, इससे पहले भी यहां एक मादा गौर का जन्म हुआ था, जो अब पूर्ण रूप से विकसित हो चुकी है। उसी मादा गौर ने अब एक बछिया को जन्म दिया है। इसे गौर की दूसरी पीढ़ी का जन्म माना जा रहा है, जो वन्यजीव संरक्षण और सफल प्रजनन कार्यक्रम की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उद्यान निदेशक ने बताया कि वन्यप्राणियों के लिए प्राकृतिक एवं अनुकूल वातावरण, संतुलित आहार, बेहतर चिकित्सीय सुविधा और वैज्ञानिक प्रबंधन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

गौर भारत का सबसे बड़ा जंगली गोवंशीय वन्यप्राणी माना जाता है और वन पारिस्थिति की तंत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे वन्यजीवों का सफल प्रजनन संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

इस उपलब्धि पर उद्यान प्रबंधन ने चिकित्सकों, पशुपालकों और कर्मचारियों को बधाई दी है तथा भविष्य में भी वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई है।