पलामू टाइगर रिजर्व और नेतरहाट इको-सेंसिटिव जोन में निर्माण पर NGT सख्त, जारी किया नोटिसBy Admin Thu, 28 May 2026 05:30 PM

रांची : झारखंड के Palamu Tiger Reserve और Netarhat इको-सेंसिटिव जोन में होटल और रिसॉर्ट निर्माण के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। इस मामले में National Green Tribunal (NGT) ने संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।

पर्यावरण कार्यकर्ता Govind Pathak द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) के भीतर बड़े पैमाने पर व्यावसायिक निर्माण कार्य पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए किए जा रहे हैं।

कोलकाता स्थित NGT की पूर्वी क्षेत्रीय पीठ ने मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी।

विवाद Betla National Park, नेतरहाट, पलामू टाइगर रिजर्व और Mahuadanr Wolf Sanctuary के आसपास तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर है। याचिका में कहा गया है कि इन पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील वन और वन्यजीव क्षेत्रों में कई होटल और रिसॉर्ट बिना जरूरी पर्यावरणीय मानकों का पालन किए बनाए जा रहे हैं।

25 मई को हुई सुनवाई में न्यायिक सदस्य जस्टिस Arun Kumar Tyagi और विशेषज्ञ सदस्य Ishwar Singh की पीठ ने मामले को गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय माना।

NGT ने National Tiger Conservation Authority (NTCA), झारखंड के मुख्य सचिव, संबंधित अधिकारियों और पलामू टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

याचिका के अनुसार, ESZ क्षेत्र के भीतर करीब 59 होटल और रिसॉर्ट निर्माणाधीन हैं, जिनमें से दो कथित तौर पर पलामू वन्यजीव अभयारण्य के भीतर बनाए जा रहे हैं।

याचिकाकर्ता का दावा है कि ESZ अधिसूचना के तहत जरूरी जोनल मास्टर प्लान, टूरिज्म मास्टर प्लान और मॉनिटरिंग कमेटी अब तक गठित नहीं की गई है, जबकि निर्माण कार्य लगातार जारी है।

याचिका में NGT से मांग की गई है कि अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए, नियमों के उल्लंघन में बने ढांचों को ध्वस्त किया जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।

 

With inputs from IANS