JTET 2026 में मगही, भोजपुरी और अंगिका को शामिल करने के लिए मंत्री दीपिका ने के राजू को सौंपा सुझाव पत्र By Admin Fri, 29 May 2026 03:18 PM

RANCHI : ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह नें शुक्रवार को काँग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू से मिलकर JTET 2026 में अंगिका, मगही और भोजपुरी को शामिल करने के लिए एक सुझाव पत्र सौंपा। मंत्री दीपिका ने कहा कि आज रांची में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किए जाने संबंधी लिखित सुझाव सौंपा।वर्ष 2008, 2012 और 2016 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में अंगिका, भोजपुरी और मगही को क्षेत्रीय भाषाओं के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन वर्तमान अधिसूचना में इन्हें स्थान नहीं दिया गया है। उन्होनें कहा कि भाषा लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है, आज की युवा पीढ़ी को क्षेत्रीय - जनजातीय भाषा में लिखना, पढ़ना, बोलना आना चाहिए। ऐसे में ये जरूरी है की प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रीय - जनजातीय भाषाओं के विकल्प को बढ़ाया जाए।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में क्षेत्रीय भाषा  अंगिका, भोजपुरी, मगही, मैथिली  को हटाए जाने तक सीमित नहीं है बल्कि जनजातीय भाषा की सूची से  असुर, बिरहोर और माल्तो जैसी जनजातीय भाषाओं को भी शामिल न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। गौर करने वाली बात ये है की संथाल परगना के किसी भी जिले में क्षेत्रीय भाषा के रूप में कुरमाली को शामिल नहीं किया गया है, जबकि इस भाषा को बोलने वालों की संख्या लाखों में है।

झारखंड की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करते हुए सभी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनकी उपेक्षा राज्य की समृद्ध विरासत और भाषाई पहचान के साथ अन्याय है, ऐसे में इन भाषाओं पर समग्र विचार करते हुए 2026 के झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल कर परीक्षाएं आयोजित की जाए।