राज्यसभा चुनाव : काँग्रेस प्रत्याशी पर भी चलेगा हेमंत सोरेन का फरमान By Admin Fri, 29 May 2026 08:14 PM

Ranchi: झारखंड में होनेवाली राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ काँग्रेस नेताओं की एक अहम बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई। बैठक बेनातीजा रहा। जो जानकारी मिल रही है यदि झामुमो एक सीट काँग्रेस को देती भी है तो उसपर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ही फरमान रहेगा। कांग्रेस ने एक सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत की है, जबकि झामुमो भी दोनों सीटों पर रणनीतिक स्थिति बनाए हुए है. बैठक में कांग्रेस प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी डॉ. सिरिवेला प्रसाद, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का मल्लू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश शामिल रहे. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या गठबंधन के भीतर सहमति बन पाएगी या सस्पेंस और आगे बढ़ेगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि पार्टी झारखंड से ही किसी स्थानीय नेता को उम्मीदवार बनाना चाहती है. बैठक में सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर भी विचार हुआ, लेकिन उम्मीदवार के नाम पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका. सूत्रों के अनुसार, बैठक में गठबंधन की मजबूती और आगामी चुनावी समीकरणों को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई. हालांकि तीन घंटे की लंबी बातचीत के बावजूद सस्पेंस बरकरार रहा. कांग्रेस का दावा है कि महागठबंधन दोनों सीटें जीत सकता है, लेकिन सीट बंटवारे पर सहमति ही सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. इसी वजह से उम्मीदवार के नाम की घोषणा फिलहाल टाल दी गई है.
स्थानीय उम्मीदवार पर कांग्रेस की सख्त शर्त
कांग्रेस ने इस बार साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार स्थानीय नेता ही होगा. रांची एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि पार्टी किसी बाहरी चेहरे को आगे नहीं बढ़ाएगी. उनके मुताबिक, झारखंड से जुड़ा, जमीनी स्तर पर सक्रिय और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाला नेता ही उम्मीदवार होगा. इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर संभावित उम्मीदवारों की दौड़ तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, राजेश ठाकुर, फुरकान अंसारी,सुबोधकांत सहाय जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं. हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस हाईकमान की सहमति के बाद ही होगा. कांग्रेस का मानना है कि गठबंधन धर्म निभाने के बाद अब राज्यसभा में भी उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए.
गठबंधन की रणनीति और आगे की सियासी तस्वीर
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव 18 जून को होना है. कांग्रेस और झामुमो गठबंधन के पास संख्या बल के आधार पर दोनों सीटें जीतने की स्थिति मानी जा रही है, लेकिन अंदरूनी रणनीति और सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका लक्ष्य बीजेपी को दोनों सीटों पर हराना है. वहीं झामुमो भी अपने राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने के लिए दोनों सीटों पर दावा मजबूत कर रहा है. इस बीच बीजेपी भी चुनावी मैदान में अपनी रणनीति के साथ उतरने का दावा कर रही है, हालांकि संख्या बल उसके पक्ष में नहीं माना जा रहा. अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेतृत्व की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला संभव है. यह देखना दिलचस्प होगा कि गठबंधन में सहमति बनती है या सियासी खींचतान और बढ़ती है. सीएम से मुलाकात के बाद स्टेट गेस्ट हाउस में कांग्रेस नेताओं की रायशुमारी हुई. बैठक में इस बात पर मंथन किया गया कि खाली हो रही 2 सीटों में से एक सीट कांग्रेस के कोटे में कैसे आए.
धीरज साहू और प्रदीप बलमुचू रेस से बाहर
बड़ी खबर ये है कि पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज साहू और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू ने खुद को राज्यसभा की रेस से अलग कर लिया है. दोनों नेताओं ने साफ कहा कि वे इस बार उम्मीदवार नहीं बनना चाहते. प्रदीप बलमुचू ने तो यहां तक कह दिया कि अगर उन्हें उम्मीदवार बनाया गया तो JMM की तरफ से क्रॉस वोटिंग हो सकती है. सूत्रों की मानें तो राज्यसभा के लिए कांग्रेस ऐसे नाम पर सहमति बना सकती है जो सीएम हाउस के करीब हो. इस लिहाज से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर का नाम सबसे आगे चल रहा है। 
कौन-कौन रेस में?
कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा के लिए जिन नामों पर गंभीरता से चर्चा चल रही है उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और वरिष्ठ नेता फुरकान अंसारी का नाम प्रमुख है. 18 जून को मतदान से पहले कांग्रेस जल्द उम्मीदवार का ऐलान कर सकती है.