15 जून तक मतदाता सूची मैपिंग का कार्य पूरा करें- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारीBy Admin Tue, 02 June 2026 05:32 PM

रांची: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को 15 जून तक मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य हर हाल में पूरा कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के तहत मैप किए गए मतदाताओं को सामान्य तौर पर अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि अनमैप्ड मतदाताओं को निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। निर्वाचन सदन से आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्यभर में एसआईआर की तैयारियों और मतदाता सूची मैपिंग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता की गलत मैपिंग होती है तो ऐसे मामलों को एनोमली केस के रूप में चिह्नित किया जाएगा, जिनकी सुनवाई ईआरओ द्वारा की जाएगी। ऐसे मतदाताओं को भी अनमैप्ड मतदाताओं की तरह दावा-आपत्ति और निस्तारण की पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनमैप्ड मतदाताओं से संपर्क स्थापित कर उनकी स्थिति स्पष्ट करें तथा एब्सेंट, शिफ्टेड, मृत, डुप्लीकेट और गैर-नागरिक श्रेणी के मतदाताओं की पहचान भी सुनिश्चित करें। के. रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए, जबकि गैर-भारतीय नागरिक इस प्रक्रिया का लाभ न उठा सकें।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से मैपिंग प्रक्रिया, एसआईआर की कार्यप्रणाली तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अधिकारियों को दी। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 जून के बाद बीएलओ में बदलाव नहीं किया

जाए तथा फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित लंबित मामलों का निपटारा भी 15 जून तक कर लिया जाए।
बैठक के दौरान कम मैपिंग वाले बीएलओ से ऑनलाइन बातचीत कर उनकी समस्याओं और कम प्रगति के कारणों की समीक्षा की गई। साथ ही उनके क्षमता संवर्धन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार समेत सभी जिलों के जिला एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।