बिरसा हरित ग्राम योजना से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था; रामगढ़ के 'दुलमी और गोला' के 4 टन आमों की खेप अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए रवानाBy Admin Thu, 04 June 2026 06:04 PM

रामगढ़: झारखंड सरकार द्वारा संचालित 'बिरसा हरित ग्राम योजना' ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। इसी कड़ी में आज जिला प्रशासन रामगढ़ द्वारा एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई। उपायुक्त, रामगढ़ श्री ऋतुराज द्वारा समाहरणालय परिसर से चार टन (4,000 किग्रा) आम की विशेष पैकेजिंग खेप को हरी झंडी दिखाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार (दुबई) के लिए रवाना किया गया।

यह आम जिले के दुलमी और गोला प्रखंड के किसानों द्वारा उत्पादित किया गया है, जिसे 'रामगढ़ झारखंड अम्रपाली' ब्रांड नाम से वैश्विक स्तर के बाजारों से जोड़ा जा रहा है। इस पूरे अभियान में डीआरडीबी मनरेगा टीम एवं मनोन्नति महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी' (FPO) ने सराहनीय भूमिका निभाई है, जिसके सहयोग से महिला किसानों की मेहनत आज लोकल से अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में तक पहुँच रही है।

योजना के प्रभाव और इस बड़ी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उपायुक्त श्री ऋतुराज ने कहा जो भूमि कभी बंजर और अनुपयोगी समझी जाती थी, आज 'बिरसा हरित ग्राम योजना' के लाभ से वह लहलहा रही है। जिला प्रशासन और मनोन्नति महिला किसान FPO के तकनीकी सहयोग व मार्गदर्शन से हमारे किसानों ने पौधा लगाने से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार से अच्छा मुनाफा कमाने तक का सफर तय किया है। यह हमारे जिले और राज्य के लिए गर्व का विषय है।

वैश्विक बाजार की मांग और अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए आमों की उच्च स्तरीय ग्रेडिंग और आकर्षक पैकेजिंग की गई है ताकि बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिल सके।लोकल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे बाजार तक पहुंच मिलने से महिला किसानों की आय में सीधे तौर पर भारी वृद्धि होगी।

इस सराहनीय प्रयास के लिए लाभुक किसानों एवं मनोन्नति महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी की दीदियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

इस अवसर पर मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त श्री आशीष अग्रवाल, प्रभारी पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) श्री रविंद्र कुमार गुप्ता, प्रभारी पदाधिकारी (सामान्य शाखा) रीना कुजूर, जिला योजना पदाधिकारी श्री संतोष भगत, परियोजना पदाधिकारी अनुजा राणा, फणींद्र कुमार गुप्ता, अजीत कुमार, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी (मनरेगा) विजय कुमार सहित अन्य प्रगतिशील महिला किसान उपस्थित थे।