राज्यसभा चुनाव : काँग्रेस की चाल से इंडिया गठबंधन में बवाल, झामुमो दोनों सीट पर लड़ेगा चुनावBy Admin Fri, 05 June 2026 01:50 PM

GYAN RANJAN/ RANCHI: झारखंड में राज्यसभा का चुनाव दिलचस्प मोड पर आ गया है। राज्य की सत्ताधारी गठबंधन में ही प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू हो गया है। गुरुवार की देर शाम राज्यसभा चुनाव के लिए बिना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति लिए काँग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार की सुबह पार्टी के विधायकों की आपात बैठक बुलाई और तय हुआ कि झामुमो राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगा। यह भी ते हुआ कि प्रत्याशी के नाम की घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की तरफ से काँग्रेस पार्टी को यह कहा गया था कि आज यानि 5 जून को राज्यसभा चुनाव को लेकर फैसला लिया जाएगा। काँग्रेस पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सलाहकार प्रणव झ को प्रत्याशी बनाया है। इसके पीछे काँग्रेस की मंशा झामुमो पर दवाब बनाने की है। इधर काँग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी की घोषणा की और देर रात ही झामुमो के सभी विधायकों को फोन गया कि मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है जिसमें राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा होगी। झामुमो के लगभग सभी विधायकों के साथ  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक की और फैसला लिया कि झामुमो दोनों सीटों पर प्रत्याशी देगा। बैठक के बाद मंत्री हाफ़िजूल हसन ने मीडिया को बताया कि झामुमो ने निर्णय लिया है कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर पार्टी का प्रत्याशी होगा। 
काँग्रेस का दाव उलट पड़ा 
राज्यसभा चुनाव को लेकर काँग्रेस ने गुरुवार को प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर झामुमो पर जो दाव चला वह उलट पड़ गया। विधानसभा में विधायकों का जो आंकड़ा है उसके हिसाब से काँग्रेस मुश्किल में दिखाई दे रही है। काँग्रेस पार्टी के पास 16 विधायक हैं। जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 विधायकों का समर्थन जरूरी है। यानि काँग्रेस को 12 विधायक और जुटाने होंगे जो फिलहाल संभव होता नहीं दिख रहा है। सत्ताधारी गठबंधन में राजद के 4 एर माले के 2 विधायक हैं। राजद कोटे से सरकार में एक मंत्री भी हैं जाहिर है कि वे किसी भी हालत में काँग्रेस के साथ नहीं जा सकते हैं। 
भाजपा के लिए खुला रास्ता 
झारखंड में विपक्षी गठबंधन के पास 24 विधायक हैं जिसमें भाजपा के 21, जदयू, लोजपा और आजसू के एक-एक विधायक हैं। भाजपा को जीत के जादुई आँकड़े के लिए चार विधायकों का जुगाड़ करना होगा। जो स्थिति बन रही है उसमें यह संभावना प्रबल हो गई है कि अब द्वितीय वरीयता का वोट फिर निर्णायक हो सकता है।