
गुमला: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को गुमला परिषदन परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन जनजातीय समाज की पहचान एवं जीवन का आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने की अपील की।
उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग होना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक गुमला हारिस बिन ज़मा ने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु सामूहिक उत्तरदायित्व निभाना समय की मांग है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुड़ने तथा अपने आसपास हरियाली बढ़ाने की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, प्लास्टिक उपयोग में कमी लाने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।मौके पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा, उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी महेश कुमार, डीसीएलआर राजीव कुमार, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, नजारत उप समाहर्ता ललन कुमार रजक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।