
RANCHI : भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने बुधवार को विधानसभा में कांग्रेसी मंत्रियों शिल्पा नेहा तिर्की , दीपिका सिंह पांडेय, इरफ़ान अंसारी और राधा कृष्ण किशोर के द्वारा वहां के गार्ड, मार्शल, सिपाहियों और चपरासियों के साथ किए गए आचरण को अर्मयादित बतलाते हुए इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी मंत्री की मानसिकता इतनी गिर गई है कि अब ये सिपाहियों और चपरासियों से लड़ाई कर रहे हैं। अपनी निराशा और हताशा की कुंठा इनपर निकाल रहे हैं। यह अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि दरअसल कांग्रेसियों को मुख्यमंत्री और झामुमो पार्टी से गुस्सा है। अब भला वे इन पर गुस्सा उतारे तो कैसे उतारें ? अगर कांग्रेसी, मुख्यमंत्री और jmm पर गुस्सा उतारते हैं तो ये झारखंड की कुर्सी से ही उतार दिए जाएंगे। इसलिए कहीं का गुस्सा, कहीं और उतार रहे हैं। अब मुख्यमंत्री और झामुमो वाले कांग्रेसियों को भाव नहीं दे रहे हैं तो भला इसमें सिपाहियों और चपरासियों का क्या दोष ?
प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि देश भर में कांग्रेसियों की जो हालत हो गई है कि इससे समझा जा सकता है कि अपनी पीड़ा को कुछ कम करने के लिए ये दिन भर भाजपा को पानी पी-पीकर कोसते रहते हैं। बेशक आप हमें कोसिये परंतु सिपाही और चपरासियों के साथ किया गया आपका कृत्य बर्दाश्त से बाहर और शर्मनाक है। चाहे चपरासी हो या सिपाही, सभी हमारे समकक्ष हैं, हमारे परिवार हैं। ऐसी सोच रखने की बजाय कांग्रेस के चारों मंत्रियों ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। अपनी करनी के लिए इन मंत्रियों को सार्वजनिक रूप से तत्काल सिपाहियों और चपरासियों से माफी मांगनी चाहिए। अगर ये लोग ऐसा नहीं करते हैं तो इनके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष ने पूरे प्रदेश के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों से भी आग्रह किया है कि वे सभी इन चारों मंत्रियों का बहिष्कार और विरोध करें। साथ ही अपने संघ से भी इनका विरोध करवाएं। जहां कहीं भी ये मंत्री दौरे पर जाएं, वहां के सिपाही और चपरासी इन मंत्रियों को न सैल्यूट करें और न ही उनकी सेवा करें। जो कृत्य इन्होंने किया है, ये थोड़े भी सम्मान के लायक कतई नहीं हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि दरअसल राज्यसभा चुनाव में अपनी निश्चित हार को देख कांग्रेसी बौखला गए हैं। गठबंधन के पास 56 वोट होने का जब ये मजबूत दावा कर ही रहे हैं तो फिर इतनी असुरक्षा और बेचैनी का कारण क्या है ? दरअसल कांग्रेसियों को अपने विधायकों पर ही विश्वास नहीं है।