




भुरकुंडा (रामगढ़)। रिवर साइड स्थित ऑफिसर्स क्लब में मंगलवार को आयोजित त्रिपक्षीय वार्ता में भुरकुंडा क्षेत्र की प्रस्तावित आउटसोर्सिंग परियोजना को लेकर माहौल गर्म रहा। बैठक में भुरकुंडा कोलियरी प्रबंधन, बीएलए आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधियों तथा 13 विभिन्न समितियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। रोजगार, लोकल सेल, विस्थापितों के अधिकार और स्थानीय लोगों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत करते हुए भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी कुमार राकेश सत्यार्थी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनी से जुड़े रोजगार और अन्य लाभों में पहली प्राथमिकता क्षेत्र के वास्तविक रैयतों और विस्थापितों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न समितियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनों की पहले जांच-पड़ताल की जाएगी और यह सत्यापित किया जाएगा कि दावा करने वाले लोग वास्तव में पात्र हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि 13 समितियों ने अपनी-अपनी मांगें रखी हैं। सबसे पहले सभी दावों और दावेदारों की स्क्रूटनी होगी, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। लोकल सेल के मुद्दे पर पीओ ने कहा कि प्रबंधन हमेशा से लोकल सेल शुरू करने के पक्ष में रहा है, लेकिन विभिन्न समितियों के बीच समन्वय नहीं बनने के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कोयला उत्पादन शुरू होने के बाद लोकल सेल का संचालन भी संभव हो सकेगा। पीओ ने कहा कि आप सभी समितियों आपस में समन्वय बनाकर आएं हर हाल में रोड सेल चालू होगा। रोड सेल के लिए 10 लाख टन कोयला आवंटन है। बीएलए कंपनी के मैनेजर सुरेंद्र कुमार ने कहा कि स्थानीय विस्थापित-प्रभावित बेरोजगारों के लिए आउटसोर्सिं में रोजगार की व्यवस्था है। चारो राजस्व कुरसे, बलकुदरा, देवरिया और दुंदुवा गांव के बेरोजगार युवको का नाम कंपनी में दे। वार्ता के दौरान अधिकांश वक्ताओं ने वास्तविक रैयतों और विस्थापितों को पहली प्राथमिकता देने के प्रबंधन के फैसले का स्वागत किया। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि आउटसोर्सिंग कंपनी से संबंधित सभी मांगों पर रैयतों और प्रभावित परिवारों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर जल्द ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। वार्ता प्रबंधन की ओर से एसओएम अजय कुमार, पर्सनल ऑफिसर भंडारी, बीएलए आउटसोर्सिंग मैनेजर सुरेंद्र कुमार सहित 13 समितियों के प्रतिनिधि शामिल थे।
वार्ता में इन 13 समिति के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
वार्ता में संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा, भुरकुंडा रैयत विस्थापित मोर्चा, भुरकुंडा ऑल झारखण्ड रैयत विस्थापित प्रभावित मोर्चा, भुरकुंडा झारखंडी बेरोजगार संघर्ष मोर्चा कोयलांचल क्षेत्र, भुरकुंडा क्षेत्र कोयलांचल संघर्ष समिति, भुरकुंडा कोल माईन्स वर्कर्स यूनियन, भुरकुंडा राष्ट्र सर्वाेपरि वेलफेयर ट्रस्ट, भुरकुंडा भुरकुंडा कोलियरी रोडसेल समिति, भुरकुंडा भारतीय नौजवान सेना, भुरकुंडा विस्थापित प्रभावित ग्रामीण, बलकुदरा विस्थापित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र संयुक्त मोर्चा, भुरकुंडा झारखण्ड बेरोजगार संघर्ष समिति, भुरकुंडा किसान प्रभावित विस्थापित संघर्ष समिति भुरकुंडा शामिल हैं।



