राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून , सियासत और साख की जंग पर टिकी सबकी निगाहें By Admin Wed, 17 June 2026 07:43 PM







GYAN RANJAN
Ranchi: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर गुरुवार को मतदान होगा। झारखंड विधानसभा में मतदान केंद्र बनाया गया है। मतदान सुबह 9 बजे से संध्या चार बजे तक चलेगा। इस बीच एक तरफ सियासत तो दूसरी तरफ साख की प्रतिष्ठा दाव पर लगी हुई है। सियासत और साख की जंग में किसके सिर पर सजेगा ताज और किसपर गिरेगी गाज, सभी की निगाहें इसपर टिकी हुईओ है। झारखंड में राज्य सभा का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय मोड़ पर आ खड़ा हुआ है. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस का सत्तारूढ़ महागठबंधन दोनों सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अभेद्य चक्रव्यूह तैयार कर चुका है, वहीं दूसरी तरफ मैदान में हैं देश के दिग्गज कारोबारी और तीन बार के राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी. नथवानी की सबसे बड़ी यूएसपी उनका कभी न हारने का रिकॉर्ड है, जिसे वे चौथी बार भी बरकरार रखने के इरादे से निर्दलीय मैदान में उतरे हैं. 
यह चुनाव अब सिर्फ दो सीटों का नहीं, बल्कि साख की लड़ाई बन चुका है. क्या परिमल नथवानी अपने पुराने अनुभवों, रणनीतिक कौशल और परदे के पीछे की सियासी गोटियों के दम पर एक बार फिर इतिहास रच पाएंगे? या फिर सीएम हेमंत सोरेन और कांग्रेस का यह एकजुट किला नथवानी के अजेय रथ को रोकने में कामयाब रहेगा? इसका फैसला विधायकों के वोट और भविष्य के गर्भ में छिपा है.परिमल नथवानी के सियासी सफर की शुरुआत 2008 में झारखंड की धरती से ही हुई थी, जब उन्होंने निर्दलीय लड़कर दलीय प्रत्याशियों को हराकर सबको चौका दिया था। इसके बाद 2014 में वे बीजेपी-आजसू के समर्थन से निर्विरोध चुने गए और 2020 में आंध्र प्रदेश से वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर संसद पहुंचे. अब 2026 में वे एक बार फिर झारखंड की पिच पर हैं और उन्हें बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए का पूरा समर्थन हासिल है.
हालांकि, इस बार नथवानी की राह 2008 जितनी आसान नहीं दिखती. जीत के लिए उन्हें एनडीए के अलावा 4 अतिरिक्त वोटों की दरकार है. दूसरी ओर, महागठबंधन पूरी तरह सतर्क और आक्रामक है. कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर का दावा है कि उनके पास 62 विधायकों का मजबूत और एकजुट समर्थन है. किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए सत्ता पक्ष के विधायकों की ‘मॉक ड्रिल’ तक कराई गई है, ताकि कोई वोट अवैध न हो. विधायक कुमार जयमंगल का कहना है कि भाजपा के पास अपना उम्मीदवार तक नहीं था, इसलिए उन्हें एक निर्दलीय को बैसाखी बनाना पड़ा. वहीं नमन विक्सल कोंगाड़ी और प्रदीप यादव जैसे विधायकों ने साफ किया कि उनके खेमे में कोई भ्रम नहीं है और सभी विधायक एकजुट हैं.मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि गठबंधन एकजुट है और इस बार थैलीशाह की झारखंड मे डाल नहीं गलनेवाली है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दावा किया है कि उनके समर्थित प्रत्याशी की जीत तय है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शहदेव ने दावा किया है कि एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी को कम से कम 32 वोट आएगा। 
दिनभर चलता रहा रणनीति बनाने का दौर 
राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए और इंडिया गठबंधन के खेमे में दिनभर रणनीति बनाने का दौर चलता रहा। एक तरफ काँग्रेस प्रत्याशी प्रणव झ के साथ होटल बीएनआर चाणक्य में राजद, काँग्रेस और माले के विधायक दिनभर रणनीति बनाते रहे और शाम को मुख्यमंत्री आवास में आज फिर से मॉक पोल की ट्रेनिंग दी गई, वहीं एनडीए विधायकों का जुटान रेडिशन ब्लू होटल मे रहा। इंडिया गठबंधन की कमान खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सम्हाले हुए हैं तो एनडीए की कमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरंडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सम्हाल रखा है। गुरुवार को एनडीए विधायक लगभग 10 बजे एक साथ होटल से विधानसभा मतदान देने पहुंचेंगे। इंडिया गठबंधन के विधायक मुख्यमंत्री आवास मे एकत्रित होंगे और एक साथ मतदान के लिए निकलेंगे। 
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होगी जयराम महतो की अग्निपरीक्षा 
राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए और इंडिया गठबंधन का खेमा अपने-अपने पक्ष में चुनाव परिणाम को करने को लेकर लगातार दो दिनों से व्यस्त है वहीं विधायक जयराम महतो, जो पहली बार राज्यसभा चुनाव में वोट ड़फेने जा रहे हैं, सबकी निगाहें उनपर भी टिकी हुई है। एक तरह से कहा जाए तो जयराम महतो के लिए यह चुनाव अग्निपरीक्षा है। जयराम यदि बैजनाथ राम को छोड़कर नाथवानी या प्रणव झा को वोट करते हैं तो उनकी राजनीति पर ही सवाल उठने शुरू हो जाएंगे। स्थानीयता की राजनीति से विधायक बने जयराम के लिए निर्णय लेना थोड़ा कठिन है। बैजनाथ राम को उनके वोट की आवश्यकता  नहीं है। जाहिर है वे निर्दलीय नाथवानी या काँग्रेस के प्रणव झा मे से किसी एक के साथ जाएंगे। 
बैजनाथ की बल्ले-बल्ले, नाथवानी और प्रणव में पेंच 
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक प्रत्याशी को प्रथम वरीयता के 28 वोट की आवश्यकता है। झामुमो के पास 34 वोट है। इस तरह झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम की जीत तय है। लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी और काँग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के लिए आँकड़े अपने पक्ष मे करना थोड़ा मुश्किल है। इंडिया गठबंधन के पास 56 वोट हैं। यदि दोनों प्रत्याशी के बीच आधे-आधे वोट का बंटवारा हो जाता है और किसी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो यहाँ मामला सेट है। लेकिन जो जानकारी मिल रही है उसके हिसाब से झामुमो अपने 30 विधायकों से प्रथम वरीयता का वोट अपने प्रत्याशी को दिलाने जा रहा है। तब गठबंधन के पास 26 वोट बचते हैं और यहीं से खेला होने की गुंजाईश बनती है। दूसरी तरफ एनडीए के पास 24 वोट हैं। नाथवानी को जीत के लिए 4 और वोट की आवश्यकता होगी। देखना दिलचस्प होगा कि इस अंकगणित को कौन सुलझा सकता है। 


के राजू और सिरिबेला प्रसाद चेक करेंगे कांग्रेस विधायकों के वोट
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने लोकल नेताओं को भरोसा नहीं किया। चुनाव के दौरान कांग्रेस के विधायक किसको वोट करेंगे, प्रदेश प्रभारी के राजू और सिरिबेला प्रसाद चेक करेंगे। कांग्रेस द्वारा के राजू और सिरिबेल्ला प्रसाद को पार्टी एजेंट बनाए जाने से यह संकेत साफ है कि क्रास वोटिंग करने वाले विधायक अब बच नहीं पाएंगे।  वहीं कांग्रेस ने केशव महतो कमलेश और बंधु तिर्की को पोलिंग एजेंट बनाया है। ये दोनों नेता बूथ पर बैठ कर देखेंगे कि किन-किन विधायकों ने वोट किया। किस विधायक का वोट अब तक नहीं पड़ा है। यहां मालूम हो कि पार्टी एजेंट की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता डॉ सैयद नासिर और मंत्री राधाकृष्ण किशोर को काउंटिंग एजेंट बनाया है। झारखंड में पार्टी एजेंट के साथ मिल कर विधायक क्रास वोटिंग को अंजाम दे चुके हैं। इसी तरह भाजपा ने अमर बाउरी और नवीन जायसवाल को पार्टी एजेंट और अनंत ओझा तथा विकास प्रीतम को पोलिंग एजेंट बनाया है। भानू प्रताप शाही और राज सिन्हा भाजपा के काउंटिंग एजेंट होंगे। झामुमो ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और पार्टी महासचिव विनोद कुमार पांडेय पर विश्वास जताते हुए पार्टी एजेंट बनाया है। यही दोनों नेता झामुमो के 34 विधायकों का मत पत्र चेक करेंगे। देखेंगे कि वे किसे वोट किया। इसके अलावा मिथिलेश ठाकुर और फागू बेसरा झामुमो के पोलिंग एजेंट होंगे। झामुमो ने अभी तक काउंटिंग एजेंट का नाम तय नहीं किया है।
राजद ने पार्टी के वरिष्ठ नेता भोला यादव को संपूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। भोला यादव को राजद ने पार्टी और पोलिंग, दोनों एजेंट बनाया है। राजद ने काउंटिंग एजेंट की जिम्मेदारी कांग्रेस पर ही छोड़ दी है। इसके अलावा माले ने गायत्री मंडल और हलधर महतो को पार्टी और पोलिंग एजेंट बनाया है।

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