मनरेगा कर्मियों की हड़ताल 101वें दिन में पहुंची,10 कर्मियों ने शुरू किया आमरण अनशनBy Admin Wed, 17 June 2026 08:10 PM







झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को 101वें दिन में प्रवेश कर गई। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर राज्यभर के मनरेगा कर्मियों ने राजभवन के समीप राज्य स्तरीय महाधरना में हिस्सा लिया। इस दौरान कोल्हान प्रमंडल सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों कर्मियों ने सरकार से शीघ्र वार्ता कर समस्याओं का समाधान करने की मांग की। महाधरना के तीसरे दिन संघ के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 10 मनरेगा कर्मियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि 100 दिनों से अधिक समय से शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। संघ ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में ग्रेड पे के साथ मानदेय निर्धारण, सेवा सुरक्षा एवं नियमितीकरण, दिवंगत 156 मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को मुआवजा तथा अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति शामिल है। आंदोलन के दौरान दिवंगत कर्मियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो 19 जून को राज्यव्यापी मानव श्रृंखला बनाकर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। महाधरना एवं भूख हड़ताल कार्यक्रम में रामगढ़ जिला मनरेगा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, जिला सचिव कुमार विवेक, जिला उपाध्यक्ष लखन मुंडा, अब्दुल कलाम सहित कई कर्मी शामिल हुए। इनमें से कई कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास के समक्ष जारी भूख हड़ताल में भी बैठे हुए हैं।
प्रमुख मांगें:-
ग्रेड पे के साथ मानदेय निर्धारण।
सेवा सुरक्षा एवं नियमितीकरण।
दिवंगत 156 कर्मियों के आश्रितों को मुआवजा।
अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति।
लंबित मांगों पर सरकार द्वारा शीघ्र निर्णय। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा

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