राज्यसभा चुनाव परिणाम के बाद इंडिया गठबंधन में घमासान, राजद, काँग्रेस और माले आमने-सामने By Admin Fri, 19 June 2026 07:06 PM







RANCHI: झारखंड में राज्यसभा चुनाव का परिणाम आते ही सत्ताधारी इंडिया गठबंधन में घमासान शुरू हो गया है। चुनाव परिणाम से पहले हम साथ-साथ हैं का दावा करनेवाले काँग्रेस, राजद और माले में अब हम आपके हैं कौन वाली स्थिति हो गई है। राज्यसभा चुनाव परिणाम आने के चंद मिनटों के बाद काँग्रेस पार्टी के बयान से महागठबंधन के भीतर भूचाल आया हुआ है और गठबंधन के साथी अपने ही सहयोगी दलों पर आरोपों की बौछार करते नजर आ रहे हैं। राज्यसभा चुनाव का परिणाम आने के तुरंत बाद काँग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राज्य ने साफ कहा था कि राजद और माले के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। उन्होनें यहाँ तक कहा था कि राजद और माले ने गठबंधन धर्म के खिलाफ जाकर हमारी पीठ में खंजर भोंका है। उन्होनें यहाँ तक कहा था कि उन्होनें देखा है कि राजद और माले के विधायकों ने काँग्रेस प्रत्याशी को वोट नहीं दिया है। इसके बाद शुक्रवार की सुबह से ही राजद और माले ने काँग्रेस पर हल्ला बोल दिया है। 

राजद विधायक इंडिया गठबंधन के साथ थे : भोला यादव
राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा कि पार्टी के सभी विधायक इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट निर्देश था कि गठबंधन के उम्मीदवार को ही वोट देना है, जिसका पूरी तरह पालन किया गया. उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान वे स्वयं पोलिंग एजेंट के रूप में मौजूद थे और सभी विधायकों ने उन्हें वोट दिखाकर मतदान किया. ऐसे में राजद पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं. भोला यादव ने कांग्रेस प्रभारी के. राजू के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं की बयानबाजी पर नियंत्रण रखना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक विफलताओं और अंदरूनी समस्याओं को छिपाने के लिए राजद पर आरोप मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजद सिद्धांत और विचारधारा की राजनीति करने वाली पार्टी है और किसी भी परिस्थिति में भाजपा का समर्थन नहीं कर सकती.राजद महासचिव ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और नेता संघर्ष की राजनीति से निकले हैं. उन्होंने कहा कि राजद के लोग जेल जाना और संघर्ष करना पसंद करेंगे, लेकिन भाजपा को वोट देने की कल्पना भी नहीं कर सकते. भोला यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर कई गुट सक्रिय हैं और संभव है कि किसी गुट के असंतुष्ट नेताओं ने अलग रुख अपनाया हो, लेकिन इसका ठीकरा राजद पर फोड़ना उचित नहीं है. 
पहले अपने गिरेबाँ में झाँके काँग्रेस : संजय यादव 
मंत्री संजय यादव ने कहा कि जब-जब कांग्रेस पर संकट आया, तब-तब राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहे. ऐसे में सहयोगी दल पर सार्वजनिक आरोप लगाना उचित नहीं है.
संजय यादव ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने संगठन और नेतृत्व की स्थिति पर नजर डालनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर मौजूद समस्याओं को नजरअंदाज कर सहयोगी दलों को निशाना बनाना राजनीतिक परिपक्वता नहीं दर्शाता. उन्होंने दोहराया कि राजद लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है और गठबंधन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
विधायक सुरेश पासवान का तीखा हमला 
राजद विधायक सुरेश पासवान ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बिहार में पूर्व में कांग्रेस के विधायक कथित रूप से रंगे हाथों पकड़े गए थे, तब कांग्रेस नेतृत्व क्या कर रहा था. उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान राजद विधायकों ने पार्टी निर्देशों का पालन किया और मतदान में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई.सुरेश पासवान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता राजद की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों से राजद विचलित होने वाली नहीं है और पार्टी हर राजनीतिक चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की राजनीति कर रही है, लेकिन राजद अपने जनाधार और विचारधारा के बल पर आगे बढ़ती रहेगी. 
क्रॉस-वोटिंग के आरोपों पर भाकपा-माले ने कांग्रेस को याद दिलाया कैश कांड, सीएम हेमंत को लिखी चिट्ठी
 राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की अप्रत्याशित हार के बाद इंडिया गठबंधन के घटक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। गुरुवार को नतीजों के तुरंत बाद कांग्रेस प्रभारी के.  राजू ने आरजेडी और वामदल के विधायकों पर पैसों के लालच में क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया था। बाद में यही आरोप मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी दोहराया। अब आरोपों पर भाकपा माले का काफी लंबा-चौड़ा जवाब आया है।
पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बकायदा चिट्ठी लिखी गई है, जिसमें कांग्रेस के ही विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का संदेह जताया है। इतना ही नहीं,  भाकपा माले ने यह भी आरोप लगाया है कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा अपने ही विधायकों की स्थिति से अवगत नहीं थे। पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त  ने कांग्रेस के विधायकों का नाम लिए बिना जुलाई 2022 के बहुचर्चित कैश कांड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि कैसे कथित तौर पर उनकी सरकार गिराने की साजिश रची गई थी।
भाकपा माले ने कहा कि हम जनसंघर्ष को सर्वोपरि मानते हैं और हमारे नेताओं को पद या धन का लालच देकर नहीं खरीदा जा सकता। उन्होंने कहा कि देश को सांप्रदायिक औऱ पूंजीवादी ताकतों की गुलामी से आजादी दिलाने के लिए बीजेपी की संपूर्ण पराजय जरूरी है। लड़ाई से समझौता नहीं करने की बात कहते हुए मनोज भक्त ने कहा कि हम हर कुर्बानी के लिए तैयार हैं। सीपीआई (एमएल) ने कहा कि कांग्रेस नेताओं  की आपसी सार्वजनिक छीछालेदर भरी बयानबाजियों से समझा जा सकता है कि वे खुद पद और धन  के लालच में किस स्तर तक गिर सकते हैं। वामदल ने कहा कि कांग्रेस के आरोप आखिर में कांग्रेस का ही पर्दाफाश कर रहे है। मनोज भक्त ने मुख्यमंत्री से इंडिया गठबंधन का नेता होने के नाते पूरे घटनाक्रम की छानबीन करने और कांग्रेस को उसकी गतिविधियों के लिए चेतावनी देने की मांग की है। वामदल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, आबुआ सरकार का हिस्सा होकर  भी झारखंड  में जल, जंगल और जमीन को लूटने वाले परिमल नाथवानी जैसे पूंजीवादी हितधारकों से हाथ मिलाने में नहीं हिचकती। कांग्रेस को झारखंड विरोधी प्रवृत्ति का बताते हुए भाकपा माले ने कहा कि  इससे भाजपा विरोधी एकता कमजोर होती है। 
भाकपा-माले ने के. राजू पर लगाए संगीन आरोप
मनोज भक्त ने कांग्रेस पर क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगाते हुए के. राजू को भी इसमें संलिप्त होने का संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेसी पोलिंग एजेंट आरपीएन सिंह ने अतीत में क्या किया है,  सब जानते हैं। मनोज भक्त ने सवाल किया कि, क्या के. राजू ने भाकपा माले और आरजेडी के सभी विधायकों का मतपत्र देखा है। उनको, कांग्रेस के विधायकों के मतों की सच्चाई बतानी चाहिए। मनोज भक्त ने कहा  कि  धोखा केवल  गठबंधन के साथ नहीं हुआ है, बल्कि कांग्रेस ने झारखंड के साथ धोखा किया है।भाकपा माले ने कांग्रेस को सबक सिखाने की मांग की और कहा कि कांग्रेस का झारखंड विरोधी चरित्र किसी से छिपा नहीं है।

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