




Ranchi: झारखंड में सम्पन्न राज्यसभा चुनाव मे काँग्रेस को मिली करारी हार के बाद काँग्रेस के प्रभारी सहित की बड़े नेता और मंत्रियों ने जमकर बयानों के तीर चलाए थे, तीसरे ही दिन अब काँग्रेस पार्टी अपनी तीर की धार को खुद कुध करने में जुट गई है। शनिवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने 56 विधायकों के समर्थन के दावे के बीच मिली इस चौंकाने वाली शिकस्त के बाद कांग्रेस और गठबंधन के नेताओं ने भीतरघात की आशंका जताते हुए कड़ी समीक्षा की मांग की है. कांग्रेस ने जहां इस हार के पीछे ‘भाजपा के थैलीशाहों’ के खेल को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं गठबंधन की एकजुटता का दावा करते हुए स्पष्ट किया है कि वे भाजपा के फूट डालो वाले मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे. कांग्रेस ने कहा कि यदि महागठबंधन के घोषित वोट अपेक्षित रूप से नहीं मिले हैं, तो यह महागठबंधन के भीतर गंभीर आत्ममंथन का विषय है. पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनाव को लेकर मेहनत और रणनीति बनाई थी, ऐसे में पूरे घटनाक्रम की समीक्षा और जांच की अपेक्षा की जा रही है. कांग्रेस ने यह भी बताया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं के संपर्क में है और पूरे घटनाक्रम का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है. साथ ही सहयोगी दलों से सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील की गई.कांग्रेस ने कहा कि यह समय दोषारोपण नहीं बल्कि तथ्यों के आधार पर आत्ममंथन और जनता के मुद्दों पर केंद्रित राजनीति का है. पार्टी ने दोहराया कि वह झारखंड के लोगों के हित, सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है.



