




रामगढ़ जिला अंतर्गत मरार स्थित SAIL रिफ्रैक्टर यूनिट इफिको प्लांट में महाप्रबंधक (जीएम) के साथ आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में रामगढ़ के युवा आजसू के जिला प्रभारी सह लोकप्रिय युवा समाजसे पियूष चौधरी जी ने मजदूरों एवं ग्रामीणों की ज्वलंत समस्याओं को मजबूती के साथ उठाया। बैठक में मजदूरों के समय पर भुगतान नहीं होने, श्रमिकों के लंबित बकाए, वर्षों से कर्मचारियों को पीएफ (PF) का लाभ नहीं मिलने, क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट तथा सड़क निर्माण कार्यों के दौरान कंपनी द्वारा की जा रही कथित मनमानी और ग्रामीणों के साथ हो रहे अन्यायपूर्ण व्यवहार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
पियूष चौधरी ने स्पष्ट रूप से प्रबंधन के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि मजदूरों को समय पर उनका मेहनताना नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है। कई वर्षों से पीएफ की राशि का समुचित लाभ नहीं मिलना श्रमिकों के अधिकारों का हनन है, जिसका शीघ्र समाधान होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या को भी उठाया और ग्रामीणों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की।
साथ ही, उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन इसकी गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या ग्रामीणों के हितों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित मामलों की जांच कराई जाएगी और जनहित में आवश्यक कार्रवाई के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा।
पियूष चौधरी जी ने कहा कि किसी भी उद्योग की सफलता केवल उत्पादन से नहीं, बल्कि मजदूरों के पसीने और स्थानीय ग्रामीणों के विश्वास से तय होती है। जो मजदूर दिन-रात अपनी मेहनत से उद्योग को गति देते हैं, उन्हें समय पर उनका मेहनताना और उनके वैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। वहीं, विकास कार्यों के नाम पर ग्रामीणों की उपेक्षा और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि मजदूरों के लंबित भुगतान का अविलंब निपटारा किया जाए, वर्षों से लंबित पीएफ संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाए, पेयजल संकट दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं तथा सड़क निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों में पारदर्शिता रखते हुए ग्रामीणों की भावनाओं और अधिकारों का सम्मान किया जाए। कंपनी जनहित और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए संवेदनशील एवं जवाबदेह कार्यशैली अपनाए।
पियूष चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
"मजदूरों का पसीना और ग्रामीणों का स्वाभिमान किसी भी उद्योग की सबसे बड़ी पूंजी है। इनके अधिकारों का हनन कर विकास की इमारत खड़ी नहीं की जा सकती। मजदूरों को समय पर भुगतान, पीएफ का अधिकार, ग्रामीणों को पानी और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य मिलना ही चाहिए। यदि जनहित की अनदेखी हुई तो सड़क निर्माण सहित सभी संबंधित मामलों की जांच की मांग की जाएगी और हम लोकतांत्रिक तरीके से मजदूरों एवं ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ते रहेंगे। किसी भी गरीब, मजदूर या ग्रामीण के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
बैठक के अंत में प्रबंधन से सभी समस्याओं का शीघ्र, न्यायसंगत एवं स्थायी समाधान करने की मांग की गई, ताकि क्षेत्र में विकास के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द, जनविश्वास और श्रमिक सम्मान की भावना भी सुदृढ़ हो सके।
[ राजकिशोर सिंह (जिला उपाध्यक्ष श्रमिक संघ) ,प्रकाश महतो (जिला सह सचिव श्रमिक संघ),विजय प्रशाद,रामा यादव,संतोष यादव,अरुण सिंह,बीरू करमली,रंजीत कु सिंह,जितेंद्र ठाकुर,रोहित सोनी,कुणाल कुमार,राज पासवान,सुमंत चौधरी



