




रामगढ़। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित योग कार्यक्रम चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष संजीव कुमार बावला सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता योगाभ्यास करने के बजाय "सात समुंदर पार मै तेरे पीछे पीछे आ गई" जैसे फूहड़ बॉलीवुड गीतों की धुन पर झूमते और मस्ती करते नजर आए। कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद इसकी गंभीरता को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया जाता है कि योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में योग के निर्धारित प्रोटोकॉल और अनुशासन की अपेक्षा भाजपा से की जाती थी,लेकिन रामगढ़ जिला कार्यालय में महिला पदाधिकारियों की उपस्थिति में ऐसे फूहड़ गानों पर थिरकते पदाधिकारी को देख कर अब लगता है कि पार्टी धीरे धीरे संघ की विचारधारा से खुद को अलग करते जा रही है।
वायरल वीडियो म साफ देखा जा सकता है कि छोटे-बड़े सभी कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में योग करने के बजाय थिरक रहे हैं ।
हालांकि इसे लेकर कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या योग दिवस का उद्देश्य अब केवल औपचारिकता निभाना रह गया है ?
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री द्वारा 2014 में योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए नियमित योगाभ्यास पर जोर देते हुए यूनाइटेड नेशन में "योगा" को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलवाने में सफल रहे है,ऐसे में भाजपा के ही कार्यक्रम में योग की जगह मनोरंजन और फूहड़ता परोसे जाने से कई सवाल उठ खड़े हुए है।
इतने अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले योग जिसको सरकार द्वारा भी प्रोत्साहित किया जा रहा है उसपर भाजपा जिला कार्यालय में हीं ऐसे गतिविधियां दिखाई देने से कार्यक्रम की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन केवल फोटो सेशन और सोशल मीडिया प्रचार तक सीमित रह जाएंगे तो इससे योग के प्रति वास्तविक जागरूकता पैदा नहीं हो सकेगी।
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि अब भाजपा संघ की संयमित और राष्ट्रवादी विचारधारा से भटक चुकी है जिसका प्रमाण संगठन के निर्देश पर आयोजित पिछले विभिन्न आयोजनों में पदाधिकारियों द्वारा केवल तस्वीरें साझा कर शोशल मीडिया पर शेयर करने तक हीं सीमित रह गई है।
शायद उसी तरह इस बार भी पदाधिकारियों द्वारा रामगढ़ जिले में योग दिवस पर भी खानापूर्ति किए जाने की कोशिश की गई।
हालांकि भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
योग दिवस का मूल उद्देश्य लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए योग अपनाने के प्रति प्रेरित करना है, लेकिन कार्यक्रम की शैली को लेकर उठे सवालों ने पूरे आयोजन को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों राधा गोविंद स्कूल में भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का दौरान जिले के दो पदाधिकारियों के बीच सार्वजनिक रूप से अमर्यादित भाषा का उपयोग करते हुए एक दूसरे को देख लेने की धमकी सहित आधी रात को स्कॉर्पियो के हिलने की चर्चाओं ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। और आज फिर एक बार जिला कार्यालय में योग के नाम पर जिलाध्यक्ष संजीव कुमार बावला सहित नगर परिषद चुनाव लड़ चुकी प्रदेश शोशल मीडिया प्रभारी प्रिय करमाली,सांसद प्रतिनिधि सह पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज गिरी,वर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष संजय साह,कार्यालय प्रभारी सुनील साव,कुणाल दास,वरिष्ठ नेता उमेश प्रसाद,विनोद कुमार,पूर्व कार्यालय प्रभारी विनोद कुमार सहित दर्जनों महिला पुरुष कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में योग के नाम पर ऐसी फूहड़ आचरण से भाजपा के वर्तमान जिला टीम पर सवालिया निशान खड़े हो रहे।



