




गिद्दी। सिरका परियोजना खुली खदान में विगत रविवार क़ो अचानक हजारों लीटर पानी भर जाने की घटना के बाद सीसीएल सेफ्टी बोर्ड के दो सदस्य अरुण कुमार सिंह एवं विकास कुमार प्रबंधन के अन्य अधिकारियों के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खदान क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था और खनन कार्यों की समीक्षा की। सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों ने बताया कि जिस क्षेत्र में सिरका खुली खदान का संचालन किया जा रहा है, उसके नीचे पुरानी सिरका अंडर ग्राउंड कोल माइंस मौजूद है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार खदान में बोरिंग, मार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए था। इस संबंध में सेफ्टी बोर्ड की ओर से कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों पर विशेष बल देते हुए कहा कि सीसीएल का सिरका क्षेत्र वर्षों पुराना कोलियरी क्षेत्र है। जहां खनन कार्य के दौरान आग और पानी दोनों प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रबंधन को विशेष सावधानी, ठोस रणनीति तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि सर्वे विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक आंकड़े और तकनीकी जानकारी एकत्रित करने के बाद ही खदान के खनन एवं विस्तार कार्य को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य अरुण कुमार सिंह, विकास कुमार, परियोजना पदाधिकारी (पीओ) सिरका एन.के. सिंह, मैनेजर सुभाष कुमार सिन्हा, सेफ्टी ऑफिसर सूजान दलबेहरा, अनुज कुमार, नागेश्वर महतो, लक्ष्मी चरण महतो, सुनील कुमार बैठा, कल्याण पासवान, शशि यादव एवं मनीष कुमार सिंह सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।



