




गिद्दी। अरगड्डा क्षेत्र के सिरका परियोजना खुली खदान में 18 घंटे से अधिक समय से कोयला फेस में हजारो लीटर पानी भर जाने से कोयला खनन उठाव का कार्य बुरी तरह प्रभावित है, इसे लेकर अरगड्डा जीएम ने खुली खदान सिरका में हो रहे पानी सूखाने और उत्पादन के लिए उठाए जा रहा है कदमों का निरीक्षण किया, साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए, इसे लेकर सिरका पीओ ने बताया कि खुली खदान सिरका के नीचे पुराना बंद मांईस के सीम थे, जिससे पानी खुली खदान में चलाया, खदान को जल्द सुखाने का काम हो रहा है, किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है, हालांकि खदान में जल घटना के बाद से ही लोग भी खदान के समीप आकर देखने लगे हैं, वहीं चर्चा है कि खदान में दोपहर 3 बजे के बाद फिर ब्लास्टिंग हुई और कोयला खनन के लिए अन्य फेस को चालू करने का कोशिश किया जा रहा है, इसके लिए भारी मशीनी उपकरणों को भी लगाया गया. वही बात की जाए खदान के अंदर चलते कोयला फेस की तो यहां पानी का जमाव बढ़ता जा रहा है, जिसे यदि प्रबंधन निकालने का जुगाड़ लगता है तो एक सप्ताह से भी अधिक समय लग सकता है, यदि इस अंतराल में वर्षा होती है, तो आगे पानी कोयला फेस से कब सुखेगा यह कह पाना मुश्किल होगा, इधर चर्चा यह भी है कि खुली खदान के नीचे यदि पूराना फेस था, तो सर्वे विभाग और बोरिंग मारकर के द्वारा सुरक्षा के लिए व्यापक बोरिंग का खाका क्यों नहीं तैयार किया गया, इसे लेकर प्रबंधन फिलहाल घेरे में है. वही बात की जाए कर्मचारियों को तो उन्हें खदान के अंदर फिलहाल काम करने में भय सता रहा है, खदान की एक ओर पानी तो दूसरी ओर आग के लपटे जहन्नुम की भांति जान जोखिम में डालकर काम करने जैसा प्रतीत हो रहा है, इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था सुविधा और सावधानी की बातें भी होने लगी है.



