




रामगढ़:सोमवार को उपायुक्त, रामगढ़ श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय पर्यटन संवर्धन परिषद के शासी निकाय की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक श्रीमती ममता देवी, सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी बैठक में उपस्थित हुए।
बैठक के दौरान सर्वप्रथम जिला पर्यटन पदाधिकारी द्वारा जिला स्तरीय पर्यटन संवर्धन परिषद की पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों के आलोक में किए गए कार्यों की जानकारी दी गई। जिसके उपरांत पीपीटी (PPT) प्रेजेंटेशन के माध्यम से रामगढ़ जिला अंतर्गत पूर्व से अधिसूचित पर्यटन स्थलों यथा रजरप्पा, पतरातु लेक रिसॉर्ट, महामाया मंदिर मायाटुंगरी, प्राचीन शिव मंदिर कैथा, भैरवी जलाशय, टुटी झरना, पलानी झरना, निम्मी झरना एवं मां पंचवाहिनी मंदिर पतरातू के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त के द्वारा पूर्व से अधिसूचित पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई, लाइटिंग, पहुंच पथ, टॉयलेट, आश्रय गृह तथा पार्किंग व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। वहीं टुटी झरना मंदिर तक पहुंच पथ निर्माण को लेकर डीपीआर (DPR) तैयार करने का निर्देश उपायुक्त के द्वारा दिया गया। मौके पर उपायुक्त ने पर्यटन स्थलों के सुचारू रूप से संचालन व देखरेख को लेकर पर्यटन स्थलवार पर्यटन संवर्धन/प्रबंधकीय समितियों का अनिवार्य रूप से गठन करने का निर्देश दिया।
भैरवी जलाशय में पर्यटकों की सुविधा हेतु एक आधुनिक कैफेटेरिया डेवलप करने पर विचार-विमर्श किया गया। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से उपायुक्त ने एसएचजी (SHG) महिला समूह को टूरिज्म की विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने हेतु रूपरेखा तैयार करने की बात कही। इसके साथ ही, जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों के संवर्धन और प्रमोशन हेतु एक विशेष टूरिस्ट बस के संचालन हेतु प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिले में राजकीय महोत्सव आयोजित करने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।*
रजरप्पा मंदिर के संबंध में चर्चा के क्रम में उपायुक्त ने माननीय हाई कोर्ट के आदेशानुसार नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण करने तथा श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने हेतु एक सुदृढ़ भीड़ मैनेजमेंट प्लान'बनाने का निर्देश दिया।
इस दौरान उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित विधायक, सांसद प्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारियों से जिले में नए पर्यटन संभावित स्थलों से संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराने की बात कही। इस क्रम में जिले के सभी अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नए टूरिज्म क्षेत्रों का चयन कर अविलंब प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान नए पर्यटन स्थलों को चिन्हित करने को लेकर श्री राम जानकी पार्क सौंदा पतरातू, श्री चैतन्य महाप्रभु मंदिर कुज्जू मांडू, पोना पर्वत धाम बड़कीपोना चितरपुर, धारा वॉटरफॉल खाखरा गोला, जली धाम तथा किला मंदिर रामगढ़ आदि पर चर्चा के क्रम में उपायुक्त द्वारा स्थलों के सौंदरीकरण एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान सांसद प्रतिनिधि के द्वारा पोना पर्वत बड़कीपोना एवं धारा फॉल गोला को पर्यटन के क्षेत्र में विकसित भैरवी जलाशय एवं बिजुलिया तालाब रामगढ़ को भी पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने व पार्क निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए गए।
बैठक के दौरान वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, जिला स्तरीय अधिकारियों सहित अन्य उपस्थित थे।
उपायुक्त के द्वारा पिछले बैठक का अनुपालन प्रतिवेदन नहीं उपस्थित करने पर नाराज़गी व्यक्त की गई।
जिला खेल पदाधिकारी रामगढ़ समेत खेल तथा पर्यटन कार्यालय के सारे कर्मियों का सैलरी बंद करने का निदेश दिया गया जब तक पिछले बैठक का अनुपालन प्रतिवेदन अप्राप्त है इसीलिए सभी का अनुपालन प्रतिवेदन देंगे उसके उपरान्त ही वेतन दिया जाएगा।



