





पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की पहली दो इकाइयों से 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद अब कंपनी ने तीसरी 800 मेगावाट इकाई को मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह जानकारी पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एके सहगल ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की तीसरी इकाई को 15 मार्च 2027 तक वाणिज्यिक उत्पादन से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। पुराने ताप विद्युत संयंत्र के स्थान पर आधुनिक सुपर क्रिटिकल एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीक आधारित परियोजना विकसित की जा रही है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होगा।
सीईओ ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी है। निर्माण अवधि के दौरान परियोजना में आठ से नौ हजार श्रमिक कार्यरत थे। अब दो इकाइयों के संचालन में आने के बाद परिचालन एवं अनुरक्षण (ओ एंड एम) कार्यों के लिए भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, जिसमें स्थानीय एवं अनुभवी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जुलाई से रोजगार सृजन के उद्देश्य से छह सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों से वर्तमान में लगभग 400 से 550 लोग जुड़े हैं। भविष्य में ओ एंड एम कार्यों सहित अन्य गतिविधियों में भी इनकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी। साथ ही फ्लाई ऐश आधारित उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देकर स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत 30 गांवों की 30 महिलाओं को फ्लाई ऐश से सजावटी एवं उपयोगी वस्तुएं बनाने का 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। इन उत्पादों के विपणन के लिए झारक्राफ्ट जैसे मंचों से जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।सीईओ ने बताया कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन में रामगढ़ जिले के आसपास के गांवों के 20 युवाओं को जमशेदपुर स्थित प्रशिक्षण संस्थान में चार माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान 11 केवी ट्रांसफार्मर तक के रखरखाव, विद्युत वितरण तथा सुरक्षा संबंधी तकनीकी जानकारी दी जा रही है, ताकि प्रशिक्षित युवा स्वरोजगार स्थापित करने के साथ विद्युत व्यवस्था को भी मजबूत कर सकें।प्रेस वार्ता में कार्यकारी निदेशक (परियोजना) अनुपम मुखर्जी, महाप्रबंधक (परिचालन एवं अनुरक्षण) मनीष खेतरपाल, जियाउर रहमान, मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित रौतेला तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिप्रा रानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।




