





रांची। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे शनिवार को पवित्र मोहर्रम के अवसर पर डोरंडा एवं रांची में निकाले गए पारंपरिक मातमी जुलूस में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न अखाड़ों का अभिवादन किया तथा सभी समुदायों के लोगों के साथ मिलकर सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
मोहर्रम जुलूस के दौरान कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे ने अखाड़ा के युवाओं के साथ डोरंडा युनुस चौंक, गुदड़ी चौंक पर पारंपरिक लाठी कला का प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की सांझी संस्कृति और गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे में निहित है। मोहर्रम हमें हज़रत इमाम हुसैन के त्याग, बलिदान और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है।इस मौके पर सेंट्रल मोहर्रम कमिटी के सदर अशरफ अंसारी,सचिव मुमताज गद्दी, कोषाध्यक्ष मौलाना मनीरुद्दीन जबकि वार्ड 15 के पार्षद गुलाम सरवर रिजवी के नेतृत्व में दस्तारबंदी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।इसके पूर्व 26 जुलाई को डोरंडा में आयोजित ताजिया जुलूस का भी अवलोकन किया।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के पर्व-त्योहारों में सहभागिता निभाकर सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं। यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी नागरिकों से शांति, सद्भाव और आपसी विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने मोहर्रम इंतजामिया कमेटी, अखाड़ों के पदाधिकारियों एवं युवाओं को शांतिपूर्ण एवं अनुशासित आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, अखंडता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करते हैं।




