





रांची: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा में रविवार को मेधावी छात्र अभिनंदन सह अभिभावक सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके अभिभावकों के योगदान का सम्मान करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिक्किम स्किल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) विजय सिंह तथा विशिष्ट अतिथि ऊषा मार्टिन विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति डॉ. मिलिंद थे। दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। इसके बाद अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
शिशु विकास मंदिर समिति के मंत्री एस. वेंकट रमण ने कहा कि माता-पिता ही प्रत्येक विद्यार्थी के प्रथम गुरु होते हैं। ऐसे में मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों का सम्मान विद्यालय के लिए गर्व की बात है।


मुख्य अतिथि ने कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय की टॉपर समीक्षा (97.2 प्रतिशत), वाणिज्य संकाय की अविष्का सिंह (90.8 प्रतिशत) तथा कला संकाय के ओम कुमार (87 प्रतिशत) को सम्मानित किया। वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा तुल्शिका परीतृप्ति ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रतीक-चिह्न एवं प्रमाण-पत्र तथा उनके अभिभावकों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. मिलिंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए साहस, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच आवश्यक है। वहीं प्रो. (डॉ.) विजय सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ करने तथा अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने की प्रेरणा दी।
समारोह के दौरान कक्षा 10वीं के छात्र आदित्य कुमार ने "निर्माणों के पावन युग में" गीत की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिशु विकास मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव गोस्वामी ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन समिति के कोषाध्यक्ष लाल अशोक नाथ शाहदेव ने किया। समारोह में विद्यालय परिवार, समिति के पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।


