कोई भी बच्चा छूटे नहीं, सुरक्षा कवच टूटे नहीं" – उप विकास आयुक्त गुमला अनिमेश रंजनBy Admin Sun, 28 June 2026 03:38 PM









गुमला: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग, गुमला के तत्वावधान में राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय विशेष अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ रविवार को सदर अस्पताल के सभागार गुमला में आयोजित किया गया। अभियान के प्रथम दिन जिले के सभी पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के 1 लाख 49हजार 570 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य रखा गया। वहीं 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम, सहिया, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगे।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि  अनिमेश  रंजन, उप विकास आयुक्त, गुमला और  एस आर एम नोडल   डाँ प्रदीप कुमार सिंह ने उपस्थित बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शम्भू नाथ चौधरी, सिविल सर्जन, गुमला ने की। इस अवसर पर  डॉ. के. के. मिश्रा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा डॉ. सुनील राम, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, गुमला, उपाधीक्षक सदर अस्पताल डाँ अनुपम किशोर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, एएनएम, सीएचओ, सहिया, सहिया साथी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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मुख्य अतिथि श्री अभिनेष रंजन ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को देश से पूरी तरह समाप्त करने में जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अब भी हमारी जिम्मेदारी समाप्त नहीं हुई है। यदि एक भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित रह जाता है, तो यह पूरे समाज के लिए खतरा बन सकता है।

उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि "कोई भी बच्चा छूटे नहीं, सुरक्षा कवच टूटे नहीं।" प्रत्येक माता-पिता अपने पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम को पूरा सहयोग दें। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से भी घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचने और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का आह्वान किया।अध्यक्षीय संबोधन में सिविल सर्जन डॉ. शम्भू नाथ चौधरी ने कहा कि पोलियो एक ऐसी बीमारी है जिससे बचाव केवल समय-समय पर पोलियो की खुराक देने से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक अभियान में सभी बच्चों को दवा पिलाना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि "दो बूंद दवा, पोलियो हवा" केवल एक नारा नहीं बल्कि प्रत्येक बच्चे के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों, सहियाओं एवं सहयोगी कर्मियों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अभियान को सफल बनाने की अपील की।

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जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी,डॉ. सुनील राम ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 28 जून को जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। उनहोंने बताया की 1 लाख 49 हजार 570 बच्चों का दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 597 बुथ बनाए गए है. 1 हजार 198 टीम बनाए गए है जो घर घर जाकर छुटे हुए बच्चों को दवा पिलाएगी. इसकी निगरानी के लिए 119 सुपरवाइजर रहेंगे.

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने उपस्थित बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया तथा सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के प्रत्येक पाँच वर्ष तक के बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलवाकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक जया रेशमा खाखा, जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिनित आनंद , जिला लेखा प्रबंधक प्रमोद साहु, जिला डाटा प्रबंधक मो इकबाल  सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.

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