





रामगढ़: देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने और भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित करने के उद्देश्य से आज रामगढ़ जिले में राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (NID) के तहत पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शंखनाद किया गया। सदर अस्पताल, रामगढ़ में आयोजित इस विशेष उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय विधायिका रामगढ़ श्रीमती ममता देवी उपस्थित हुईं। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में रामगढ़ के उपायुक्त श्री ऋतुराज और मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CS) डॉ. अनिल कुमार भी शामिल रहे। 1.71 लाख से अधिक बच्चों को सुरक्षित करने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग ने इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान रामगढ़ जिले के 1,71,477 बच्चों (0 से 5 वर्ष तक) को पोलियो की खुराक पिलाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए पूरे जिले के सुदूरवर्ती गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला आरसीएच पदाधिकारी (DRCHO) डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह, जिला कुष्ठ पदाधिकारी (DLO) डॉ. तुलिका रानी, जिला टीबी पदाधिकारी (DTO) डॉ. स्वराज, और सदर अस्पताल के जिला शल्य चिकित्सक (DS) डॉ. हरेन चंद्र महतो सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
भारत को पोलियो मुक्त रखने का संकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए माननीय विधायिका श्रीमती ममता देवी ने कहा, "भारत ने पोलियो पर विजय प्राप्त कर ली है, लेकिन इस सुरक्षा चक्र को बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जिले का एक भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से छूटना नहीं चाहिए।"
उपायुक्त श्री ऋतुराज ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 1,71,477 बच्चों के इस शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुदूरवर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर जरूर ले जाएं।
घर-घर जाएगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार और DRCHO डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया कि पहले दिन बूथों पर दवा पिलाई जा रही है। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को कवर करेंगी। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने में जुटीं एएनएम (ANM) और सहिया बहनों की सराहना की।




