

रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) द्वारा आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जीवन में वही क्षेत्र चुनें, जिसमें उनकी वास्तविक रुचि हो। विज्ञान, तकनीकी शिक्षा, कला, वाणिज्य, खेल अथवा संस्कृति जिस भी क्षेत्र में विद्यार्थी समर्पण और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ेंगे, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।
मंत्री श्रीमती सिंह ने विद्यार्थियों से राजनीति, समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे समाज में बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं तो उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का साहस भी रखना होगा। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील, शिक्षित और दूरदर्शी नेतृत्व लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दे सकता है। देश और राज्य को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो समान अवसर, सामाजिक न्याय और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
अपने संबोधन में उन्होंने हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई विद्यार्थियों को मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्हें गर्व है कि झारखंड के एक मेधावी छात्र ने गहन अध्ययन के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया की विसंगतियों को उजागर किया, जिसकी सराहना स्वयं आदरणीय राहुल गांधी जी ने भी की।
उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद झारखंड की एक छात्रा का राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। अनेक विद्यार्थियों को अपेक्षा से कम अंक मिलने के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंता का विषय है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आदरणीय राहुल गांधी जी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज" अभियान इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे किसी भी परिस्थिति में निराश न हों, अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्रीमती सिंह ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों के लिए पुनः बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील नेता और विकसित झारखंड तथा विकसित भारत के निर्माता बनेंगे।
