झारखंड में अब ‘डेविल्स ग्रुप’ का होगा सफाया, चार जिलों की बनेगी संयुक्त स्पेशल टीम, DGP का वरीय अधिकारियों को क्षेत्र घूमने का निर्देश By Admin Thu, 09 July 2026 05:39 PM

Ranchi: झारखंड में एक्टिव अपराधी गिरोह ‘डेविल्स ग्रुप’ के खिलाफ पुलिस अब आर-पार के मूड में है. गुरुवार को झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय के सभागार में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की. इसका मकसद गोड्डा, दुमका और आसपास के इलाकों में आतंक मचा रहे डेविल्स ग्रुप के खिलाफ सख्त एक्शन प्लान तैयार करना था.
बैठक में आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, दुमका के आईजी पटेल मयुर कनैयालाल और एसपी अभियान दीपक कुमार शर्मा खुद मौजूद रहे, जबकि दुमका के डीआईजी अंबर लकड़ा, दुमका एसपी पीतांबर सिंह खरवार और गोड्डा एसपी मुकेश कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े.
चार जिलों को मिलाकर बनेगी ‘जॉइंट स्पेशल टीम
संगठित अपराध, ज्वेलरी लूट और छिनतई जैसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. अब अपराधियों से निपटने के लिए चार जिलों गोड्डा, दुमका, जामताड़ा और देवघर को शामिल करके एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया जाएगा. इस संयुक्त टीम की कमान डीएसपी स्तर के एक अधिकारी के हाथों में होगी. यह टीम चारों जिलों में ‘डेविल्स ग्रुप’ या अन्य गिरोहों द्वारा अंजाम दी गई आपराधिक घटनाओं का समन्वित रूप से अनुसंधान और उद्भेदन करेगी. इस स्पेशल टीम की प्रगति की हर हफ्ते (साप्ताहिक) समीक्षा की जाएगी और इसकी रिपोर्ट आईजी को सौंपी जाएगी.
संदिग्धों का होगा भौतिक सत्यापन, रुकेगी हथियारों की तस्करी
बैठक के दौरान डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्र ने दुमका रेंज के डीआईजी को सख्त निर्देश दिए कि डेविल्स ग्रुप’ से जुड़े जितने भी संदिग्ध सदस्य हैं, उन सभी का भौतिक सत्यापन कराया जाए. ज्वेलरी लूट और छिनतई से जुड़े जितने भी मामले लंबित हैं, उनकी विस्तृत समीक्षा कर उनका जल्द से जल्द निपटारा किया जाए. अवैध हथियारों की सप्लाई लाइन को काटने के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय स्थापित कर तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
स्पीडी ट्रायल से दिलाई जाएगी सख्त सजा
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि अपराधियों को अदालत से सजा दिलाना बेहद जरूरी है. इसके लिए उन्होंने अधिकारियों कोगिरफ्तार किए गए अपराधियों के खिलाफ वैज्ञानिक और ठोस साक्ष्य जुटाए जाएं. कोर्ट में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और अपराधियों की जमानत लेने वाले ‘जमानतदारों’ का भी कड़ा सत्यापन किया जाए. अभियोजन पक्ष से बेहतर तालमेल बनाकर मामलों का स्पीडी ट्रायल कराया जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।इसके साथ ही, कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों को लगातार क्षेत्रों का दौरा करने और पीसीआर (PCR) वैन द्वारा गश्ती करने के आदेश दिए गए हैं.

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