केंद्र ने ओडिशा और झारखंड के लिए 3,907 करोड़ रुपये की दो रेल परियोजनाओं को दी मंजूरीBy Admin Wed, 15 July 2026 05:26 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में बुधवार को ओडिशा और झारखंड के लिए 3,907 करोड़ रुपये की लागत वाली दो मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा रेल नेटवर्क में लगभग 145 किलोमीटर की वृद्धि होगी और दोनों राज्यों के चार जिलों को इसका लाभ मिलेगा।

सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से रेलवे लाइनों की क्षमता बढ़ेगी, जिससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी। इसके परिणामस्वरूप भारतीय रेलवे की परिचालन क्षमता में सुधार होगा और सेवाओं की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 14 लाख आबादी वाले 1,526 गांवों की रेल संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही देश के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी। इनमें ललितगिरि बौद्ध परिसर, श्री बलदेवजीउ मंदिर और मेघाहातुबुरु पहाड़ियां प्रमुख हैं।

मंत्रिमंडल की ओर से जारी बयान के अनुसार, ये रेल मार्ग कोयला, लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर और जिप्सम जैसी महत्वपूर्ण खनिज एवं औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन के लिए बेहद अहम हैं।

परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में प्रतिवर्ष लगभग 44 मिलियन टन (एमटीपीए) की अतिरिक्त वृद्धि होने का अनुमान है।

सरकार ने कहा कि रेलवे परिवहन पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा दक्ष माध्यम है। इन परियोजनाओं से देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, लगभग छह करोड़ लीटर तेल की बचत होगी और करीब 29 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। यह लगभग एक करोड़ पेड़ लगाने के बराबर पर्यावरणीय लाभ होगा।

बयान में कहा गया कि मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से रेलवे संचालन अधिक सुचारु होगा और व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़भाड़ कम होगी।

सरकार के अनुसार, ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नया भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन के अनुरूप हैं। इनके माध्यम से क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा समग्र विकास को गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकीकृत योजना और विभिन्न हितधारकों के समन्वय के जरिए बहु-माध्यमीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाना है। इनसे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही अधिक तेज, सुगम और निर्बाध हो सकेगी।

 

With inputs from IANS