रांची से इंडोनेशिया तक... रोशन शाही ने World of Dance में फर्स्ट रनर-अप बनकर बढ़ाया भारत का मानBy Admin Wed, 15 July 2026 06:12 PM

"सपने अगर बड़े हों, तो मंजिल देश की सीमाओं से भी आगे मिलती है।" रांची के युवा डांसर रोशन शाही ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। झारखंड की धरती से निकलकर उन्होंने इंडोनेशिया में आयोजित प्रतिष्ठित World of Dance प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए First Runner-Up का खिताब अपने नाम किया। करीब 100 देशों से आए 1500 प्रतिभागियों के बीच दूसरा स्थान हासिल करना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की प्रतिभा का दुनिया के सामने दमदार परिचय है।

रोशन शाही से हुई विशेष बातचीत में उनकी सफलता के पीछे छिपे संघर्ष, परिवार का साथ और अपनी मिट्टी से जुड़ाव की कई दिलचस्प बातें सामने आईं। उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया की यह प्रतियोगिता उनके करियर का अहम पड़ाव जरूर है, लेकिन इससे पहले भी उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल चुका है। अलग-अलग देशों में भारतीय नृत्य और संस्कृति को प्रस्तुत करना उनके लिए गर्व की बात है।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों से रोशन झारखंड से बाहर रह रहे हैं, लेकिन उनकी पहचान और प्रेरणा आज भी झारखंड की संस्कृति से ही जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यहां की सादगी, जीवनशैली और लोक संस्कृति उन्हें हमेशा अपनी ओर खींचती है। खासतौर पर सरायकेला-खरसावां का विश्वविख्यात छऊ नृत्य उन्हें बेहद पसंद है। उनका मानना है कि यह सिर्फ एक लोकनृत्य नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान है, जिसे दुनिया के हर मंच तक पहुंचना चाहिए।

बातचीत के दौरान रोशन ने अपने परिवार का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उनकी मां, उनका भाई और वह स्वयं हैं। शुरुआत में जब उन्होंने डांस को अपना करियर बनाने का फैसला लिया, तो उनकी मां इसके पक्ष में नहीं थीं। उन्हें बेटे के भविष्य की चिंता थी और यह डर भी था कि क्या डांस में करियर बनाया जा सकता है। लेकिन रोशन ने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों ने उनकी मां का विश्वास जीत लिया। आज वही मां उनके हर कदम पर सबसे बड़ी प्रेरणा और सबसे मजबूत सहारा हैं।

रोशन ने बताया कि World of Dance प्रतियोगिता आसान नहीं थी। दुनिया के लगभग 100 देशों से 1500 प्रतिभागी इसमें शामिल हुए थे। हर कलाकार अपने देश का बेहतरीन प्रतिनिधि था। ऐसे कड़े मुकाबले में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए First Runner-Up बनना उनके लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि मंच पर उतरते समय उनके मन में सिर्फ एक ही भावना थी—भारत का नाम ऊंचा करना।

रोशन शाही की कहानी सिर्फ एक डांस प्रतियोगिता जीतने की नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है, जो कहता है कि अगर जुनून सच्चा हो, मेहनत लगातार हो और खुद पर भरोसा बना रहे, तो रांची की गलियों से निकला एक युवा भी दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर तिरंगे का सम्मान बढ़ा सकता है। उनकी यह उपलब्धि झारखंड ही नहीं, पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह संदेश देती है कि प्रतिभा को पहचान मिलती है, बस उसे उड़ान देने का साहस होना चाहिए।