झारखंड में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर आईएमडी का चार दिन का अलर्टBy Admin Fri, 17 July 2026 12:49 PM

जमशेदपुर। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुक्रवार को फिर रफ्तार पकड़ ली। राज्य के कई जिलों में हुई व्यापक बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 20 जुलाई तक के लिए चार दिन का मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक, वज्रपात, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है।

जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार तड़के से रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश से उमस भरे मौसम से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन जनजीवन भी प्रभावित हुआ। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

आईएमडी के अनुसार, 20 जुलाई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रतिदिन गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

शुक्रवार को विशेष रूप से दक्षिणी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि शनिवार को लातेहार और चतरा जिलों में तेज बारिश हो सकती है। हालांकि 19 और 20 जुलाई के लिए किसी विशेष जिले में अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन पूरे राज्य में मानसून सक्रिय रहने और कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा के साथ गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मानसून फिर सक्रिय हुआ है।

इसके साथ ही समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर तक फैला ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण अगले दो दिनों में उत्तर ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा, जिससे झारखंड में वर्षा की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

निम्न दबाव प्रणाली को उत्तरी भारत में फैली अनुकूल मानसूनी द्रोणिका, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बने एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण तथा बंगाल की खाड़ी से पूर्व-मध्य अरब सागर तक फैली द्रोणिका का भी समर्थन मिल रहा है।

इन सभी मौसम प्रणालियों के कारण क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नमी पहुंच रही है, जिससे व्यापक वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का यह दौर राज्य में वर्षा की कमी को काफी हद तक पूरा करने में मदद करेगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के बाद से झारखंड सामान्य से कम वर्षा का सामना कर रहा था।

आने वाले दिनों में होने वाली लगातार बारिश धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि, संवेदनशील शहरी इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान घरों के भीतर रहें, खुले स्थानों, अकेले खड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें तथा वज्रपात के समय जलाशयों से दूर रहें।

साथ ही वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता को देखते हुए सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है।

जमशेदपुर के साकची निवासी राकेश वर्मा ने कहा, "बारिश ने कई दिनों की उमस के बाद मौसम को जरूर सुहावना बना दिया है, लेकिन साथ ही शहर की खराब जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। कुछ घंटों की बारिश ने ही कई व्यस्त चौराहों पर जलभराव और लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा कर दी।"

 

With inputs from IANS