
रांची: आदिवासी छात्र संघ की केंद्रीय समिति की बैठक शनिवार को मोराबादी स्थित ट्राइबल छात्रावास में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र सरकार पर झारखंड के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति राशि जारी करने में लापरवाही का आरोप लगाया गया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले दो वर्षों से राज्य के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। उनका दावा है कि केंद्र सरकार ने अन्य राज्यों को राशि उपलब्ध करा दी है, जबकि झारखंड को अब तक राशि नहीं भेजी गई है। इससे राज्य सरकार की छवि प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति योजना में 75 प्रतिशत राशि केंद्र और 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती है।
बैठक में रांची विश्वविद्यालय में लागू की जा रही क्लस्टर प्रणाली का भी विरोध किया गया। संघ ने कहा कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में क्लस्टर सिस्टम स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि इसे लागू करने का प्रयास किया गया तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
बैठक में आगामी विश्व आदिवासी दिवस को लेकर जनसंपर्क अभियान तेज करने का निर्णय लिया गया। संगठन ने सरना धर्म कोड लागू करने, परिसीमन का विरोध जारी रखने तथा जनगणना में सरना कॉलम शामिल नहीं होने की स्थिति में जनगणना के विरोध की बात दोहराई। इसके साथ ही जेपीएससी परीक्षा परिणाम में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा गया कि झारखंड के अभ्यर्थियों के साथ न्याय नहीं हुआ और बाहरी छात्रों को प्राथमिकता दी गई।
बैठक में सतीश कुमार भगत, सुशील कुमार मिंज, अमित पातर मुंडा, सुरेश टोप्पो, सत्यनारायण उरांव, जतरू उरांव, प्रेम प्रकाश मिंज, महावीर उरांव, संजय पहान, सुखदेव उरांव, अमृत मुंडा, सुजीत भगत, अखमेश पहान, प्यारू उरांव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।