
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण , रांची के आदेशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुमला श्री अजीत कुमार सिंह के निर्देश पर डीएलएसए, गुमला के सभागार में पोक्सो अधिनियम एवं किशोर न्याय अधिनियम के विषय पर
मल्टी-स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन प्रधान जिला जज फैमिली कोर्ट श्री ओम प्रकाश, एडीजे चतुर्थ श्री संजीव भाटिया डालसा सचिव रामकुमार लाल गुप्ता, एसडीपीओ सुरेश यादव के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला में माननीय प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री ओम प्रकाश ने कहा कि पोक्सो एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षित करता है । यदि कोई बच्चों के साथ अपराध कारित कार्य करता है तो उसके लिए कड़े प्रावधान की व्यवस्था इसमें की गई है।
एडीजे चतुर्थ सह विशेष पोक्सो न्यायाधीश श्री संजीव भाटिया ने पोक्सो एक्ट के अनुपालन के लिए अपनाए जाने वाली प्रक्रिया के विषय में सभी स्टेट होल्डरों को विस्तृत रूप से जानकारी दी ।उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों को साक्ष्य इकट्ठा करने और पीड़ित को संरक्षण देने और कार्यवाही संबंधी अन्य जानकारियां विस्तृत रूप में दी । उन्होंने सीडब्लूसी को कहा कि वे सभी पोक्सो के मामलों में सपोर्ट पर्सन दें ताकि पीड़िता को किसी प्रकार का परेशानी ना हो । तथा मुआवजा राशि का भी अनुशंसा करें और बच्चों का केयर प्लान भी सीडब्लूसी तैयार करें ।सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री राम कुमार लाल गुप्ता ने कहा कि बच्चों के साथ किसी तरह की यौन अपराध होता है तो उसे छुपाए नहीं बल्कि तुरंत उसको संबंधित पदाधिकारी को बताएं क्योंकि इस बात को छिपाना एक कानूनी अपराध है जिसमें मामले को छुपाने वाले के खिलाफ मुकदमा दायर हो सकते हैं जिसमें सजा का प्रावधान है। उन्होंने सभी स्टेट होल्डरों से कहा कि सभी मिलकर बच्चों के लिए कल्याणकारी कार्य करें तथा उन्हें यौन अपराधों से बचाए।
एसडीपीओ सुरेश यादव ने भी सभी स्टेकहोल्डरों को इस संबंध में अपनाए जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यक्रम में एलएडीसी, सीडब्लूसी, डीसीपीओ, डॉक्टर, एसडीपीओ, सभी थाना के थाना प्रभारी , सपोर्ट पर्सनआदि उपस्थित थे।