
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDC) और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच हुए समझौता (MoU) को उन्होंने राज्य के फिल्म उद्योग के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।
झारखंड मंत्रालय सभागार में आयोजित MoU हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) के पूरी तरह संचालित होने से पहले ही प्रारंभिक चरण में शॉर्ट-ड्यूरेशन कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में साउंड डिजाइनिंग, एडिटिंग, एनिमेशन, स्क्रिप्ट एवं स्क्रीनप्ले लेखन, सिनेमैटोग्राफी, निर्देशन और फिल्म प्रोडक्शन जैसे फिल्म निर्माण के सभी प्रमुख क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल पारंपरिक सिनेमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि OTT प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खोलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का गठन संभव हुआ और अब SRFTI जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान के सहयोग से राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड प्रतिभाओं का धनी राज्य है, लेकिन अब तक उन्हें उचित मंच और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण नहीं मिल पाया था। JFTI इस कमी को दूर करेगा और स्थानीय कलाकारों के हुनर को निखारने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में फिल्म, वेब सीरीज, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया तेजी से रोजगार का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में यह संस्थान झारखंड के युवाओं को कैमरे के सामने और कैमरे के पीछे दोनों क्षेत्रों में पेशेवर अवसर उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री ने झारखंड में बनी फिल्मों और राज्य से जुड़े फिल्मकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'दिल बेचारा', 'एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' जैसी चर्चित फिल्मों की शूटिंग झारखंड में हुई है। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली संथाली फिल्म 'आंगेन' का भी जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में ऐसी अनेक प्रतिभाएं हैं, जिन्हें केवल सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि खेल की तरह कला और सिनेमा के क्षेत्र में भी झारखंड के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। डॉ. रामदयाल मुंडा के प्रसिद्ध कथन "जे नाची से बाची" का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर व्यक्ति के भीतर एक कलाकार छिपा है और JFTI उस प्रतिभा को पहचानने, तराशने और राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, फिल्मकार और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले फिल्मकारों बीजू टोप्पो, रविराज मुर्मू, अनुज कुमार और निरंजन कुजूर को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया।
