राहुल गांधी का पुतला जलाने से भाजपा की पेपर लीक पर 12 वर्षों की नाकामी नहीं जलेगी : ऋषीकेश सिंहBy Admin Fri, 24 July 2026 07:49 PM


Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा राहुल गांधी का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के पास युवाओं के सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए वह मुद्दों से भागकर पुतला राजनीति कर रही है।

ऋषीकेश सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश के उन करोड़ों युवाओं की आवाज हैं जिनका भविष्य लगातार पेपर लीक माफियाओं और मोदी सरकार की विफल नीतियों की भेंट चढ़ रहा है। राहुल गांधी सड़क से लेकर संसद तक हर उस छात्र के लिए संघर्ष कर रहे हैं जिसे भाजपा सरकार ने निराश किया है। राहुल गांधी का पुतला जलाने से न तो छात्रों का दर्द कम होगा और न ही भाजपा की जवाबदेही खत्म होगी।

प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर उनमें वास्तव में युवाओं के प्रति संवेदना है, तो राहुल गांधी का पुतला जलाने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जवाब मांगें कि आखिर 12 वर्षों में 152 पेपर लीक क्यों हुए? 7 करोड़ युवाओं का भविष्य किसने बर्बाद किया? और आखिर कब तक छात्रों को परीक्षा माफियाओं के भरोसे छोड़ दिया जाएगा?

ऋषीकेश सिंह ने कहा कि झारखंड की परीक्षाओं पर भाजपा आज घड़ियाली आंसू बहा रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर हुए सबसे बड़े परीक्षा घोटालों पर उसकी चुप्पी बताती है कि उसका आंदोलन युवाओं के लिए नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक नौटंकी है।

कांग्रेस प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने सवाल उठाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में 2024 के NEET-UG, NEET-PG और 2026 के NEET परीक्षा में पेपर लीक व गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए, फिर भी उन्हें मंत्रिमंडल से क्यों नहीं हटाया गया? उन्होंने कहा कि 2026 के NEET पेपर लीक प्रकरण के बाद 22 छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इन मासूम जिंदगियों की नैतिक जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या मोदी सरकार में जवाबदेही केवल विपक्ष के लिए है, या शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वालों से भी कभी जवाब मांगा जाएगा?

ऋषीकेश सिंह ने कहा कि NTA के गठन के बाद से NTA जिसका नाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी था वो अब बच्चों के लिए नेशनल टॉर्चर एजेंसी, नेशनल टेम्परिंग एजेंसी, नेशनल ट्रॉमा एजेंसी, नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी, नेशनल टेरेरिस्ट एजेंसी बन कर रह गयी है! 2018 में NTA बनने के बाद से ही देश की परीक्षा प्रणाली लगातार विवादों और पेपर लीक की घटनाओं से घिरी रही है। बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग करने वाली इस संस्था की न तो स्पष्ट जवाबदेही तय है, न स्वतंत्र ऑडिट की व्यवस्था और न ही पर्याप्त पारदर्शिता। करोड़ों युवाओं का भविष्य ऐसी व्यवस्था के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। इसलिए मोदी सरकार या तो NTA को तत्काल भंग करे या संसद के माध्यम से इसे एक वैधानिक संस्था बनाकर उसमें जवाबदेही, स्वतंत्र ऑडिट, संसदीय निगरानी और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करे। 

ऋषीकेश सिंह ने कहा कि झारखंड में JPSC परीक्षा में अनियमितता की शिकायत आते ही हेमंत सोरेन सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा हुआ, परीक्षा नियंत्रक समेत कई आरोपी गिरफ्तार हुए और विवादित परीक्षा स्थगित कर दी गई। लेकिन NEET पेपर लीक जैसे राष्ट्रीय घोटाले में भाजपा बताए कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर क्या कार्रवाई हुई? NTA के किस अधिकारी की जवाबदेही तय हुई? भाजपा का चरित्र साफ है तो बताये की राज्यों में राजनीति और केंद्र में पेपर लीक पर चुप्पी क्यूँ?

अंत में ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर छात्र, हर अभ्यर्थी और हर युवा के न्याय की लड़ाई लड़ती रहेगी। राहुल गांधी डरने वाले नहीं हैं। उनका संघर्ष सत्ता के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय के लिए है। पुतले जलाने से सच नहीं जलता, बल्कि भाजपा की विफलताएं और अधिक उजागर होती हैं