झारखंड में परीक्षा घोटालों की CBI जांच हो, नीट पर राजनीति करने वाले राज्य सरकार पर भी बोलें : रघुवर दासBy Admin Sat, 25 July 2026 01:04 PM

रांची। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस, झामुमो, राजद, आम आदमी पार्टी और वामपंथी दल झारखंड में युवाओं के साथ हो रहे अन्याय पर पूरी तरह मौन हैं।

रघुवर दास ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले सामने आने के बावजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी राज्य सरकार से जवाब नहीं मांग रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि विपक्ष छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो झारखंड में जिम्मेदार लोगों से इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि झारखंड ने एक साथ नौ प्रतियोगी परीक्षाओं को स्थगित करने का रिकॉर्ड बनाया है, जो राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को प्रस्तावित क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रवेश पत्र डाउनलोड करने का लिंक मिला, जबकि संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में 100 में से 40 से अधिक प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गए।

उन्होंने कहा कि जेएसएससी और जेपीएससी की परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और अन्य अनियमितताओं के कई प्रमाण मीडिया के माध्यम से सामने आए हैं। छात्रों और भाजपा द्वारा लगातार आंदोलन किए जाने के बावजूद राज्य सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।

रघुवर दास ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बिना पर्याप्त तैयारी के आयोजित इस परीक्षा के दौरान दौड़ में शामिल 12 आदिवासी-मूलवासी युवाओं की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों अभ्यर्थी घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई।

उन्होंने कहा कि नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले विपक्षी दलों को पहले झारखंड की स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां युवाओं के साथ लगातार अन्याय हो रहा है, लेकिन विपक्ष इस पर चुप्पी साधे हुए है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड निजी एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) को वन टाइम रजिस्ट्रेशन से लेकर अंतिम परिणाम प्रक्रिया तक आठ महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने दावा किया कि यह एजेंसी वर्ष 2025 में झारखंड में जेएसएससी द्वारा भी ब्लैकलिस्ट की जा चुकी है। उन्होंने इस पूरे मामले की भी सीबीआई जांच कराने की मांग की।

रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में तत्काल सीबीआई जांच के आदेश दिए, आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जून 2026 में दोबारा परीक्षा आयोजित कर पारदर्शी ढंग से परिणाम प्रकाशित किए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार व्यवस्था सुधारने का काम कर रही है, जबकि झारखंड सरकार दोषियों पर पर्दा डालने में लगी है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए नए कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस कानून में दोषियों के लिए 10 वर्ष तक के कारावास, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र सुनवाई और कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।

रघुवर दास ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनमें नैतिकता बची है तो जिस तरह वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, उसी तरह झारखंड सरकार से भी जवाब मांगें और आवश्यकता पड़ने पर सरकार से समर्थन वापस लेने का साहस दिखाएं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर मुद्दे के समाधान के लिए लोकतांत्रिक संवाद और संसद में चर्चा के पक्ष में है। यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे चर्चा और समाधान का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना चाहिए।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रघुवर दास ने कहा कि नीट मामले में वे संवेदना व्यक्त करते हैं, लेकिन झारखंड के युवाओं की पीड़ा उन्हें दिखाई नहीं देती। उन्होंने सवाल किया कि क्या झारखंड के छात्रों का भविष्य विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से मांग की कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले सभी छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए तथा परीक्षा घोटालों में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने राज्य के छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक उकसावे में न आएं, अपनी शिक्षा और करियर को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें।