
रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 14वीं जेपीएससी (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगार युवाओं को न्याय दिलाने के बजाय पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा के परिणाम में सामने आई कथित गड़बड़ियां सामान्य त्रुटियां नहीं, बल्कि सुनियोजित अनियमितता का संकेत हैं। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां सामने आती हैं, तो इसे महज संयोग नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार सीआईडी जांच का हवाला दे रही है, लेकिन जांच की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके अनुसार, वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय बड़े आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच होने पर कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पत्र में कर्नाटक के एक युवक द्वारा तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष को पत्र लिखे जाने का दावा किया गया है। मरांडी ने इस पत्र की सत्यता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच कराने, सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल सीआईडी जांच का हवाला देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई से ही युवाओं का भरोसा बहाल किया जा सकता है।
(नोट: खबर में लगाए गए आरोप बाबूलाल मरांडी के हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।