धनबाद में अवैध कोयला कारोबार पर 20 से ज्यादा ठिकानों पर ED की छापेमारीBy Admin Tue, 28 July 2026 01:25 PM

धनबाद : झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह होते ही ईडी की कई टीमें केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग इलाकों में पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। इस कार्रवाई से अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमों ने टिकियापाड़ा स्थित नालंदा कॉटेज, महुदा, लोयाबाद, बैंक मोड़ और झरिया समेत कई स्थानों पर दबिश दी। जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित परिसरों से महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और लैपटॉप, मोबाइल फोन सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी खंगाला। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जबकि स्थानीय लोगों की भीड़ भी छापेमारी वाले स्थानों पर जुटी रही।

 

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में की जा रही है। ईडी इस बात की पड़ताल कर रही है कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया और इसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जिन प्रमुख स्थानों पर ईडी ने छापेमारी की, उनमें गांगुली कॉम्प्लेक्स स्थित एस.के. शर्मा का कार्यालय, टिकियापाड़ा में अनिल गोयल का ठिकाना, उनके करीबी सबीर आलम का आवास, लोयाबाद में डिप्टी मेयर के भाई हरेंद्र चौहान का घर, झरिया के गणेश यादव, बैंक मोड़ के पप्पू मंडल, शेखर यादव, झरिया के शिमला बहाल स्थित रंजीत सिंह और माधव सिंह समेत कई अन्य स्थान शामिल हैं। कुल मिलाकर 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ जांच की गई।

झारखंड के धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए लोयाबाद थाना क्षेत्र के कनकनी स्थित डिप्टी मेयर अरुण कुमार चौहान और उनके भाई, जेएमएम नगर समिति के उपाध्यक्ष हरेंद्र चौहान के आवास पर छापेमारी की। सुबह-सुबह ईडी की टीम के पहुंचते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।

जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम तीन वाहनों से मौके पर पहुंची। इन वाहनों पर पश्चिम बंगाल का रजिस्ट्रेशन नंबर था और उन पर इनकम टैक्स विभाग का बोर्ड भी लगा हुआ था। टीम के अधिकारी घर के भीतर पहुंचकर दस्तावेजों, फाइलों और अन्य जरूरी कागजातों की गहन जांच में जुट गए। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से किसी गिरफ्तारी, नकदी बरामदगी या अन्य बड़ी बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

धनबाद लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में ईडी की यह कार्रवाई इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक परतों को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद ईडी किन लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई करती है और क्या इस मामले में नए खुलासे सामने आते हैं।