हेमंत सरकार का बड़ा कदम : जमशेदपुर में बनेगा अत्याधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स के बीच हुआ MoUBy Admin Tue, 28 July 2026 05:12 PM

RANCHI : झारखंड की हेमंत सरकार ने राज्य में सुरक्षित और आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी के तहत सीएम हेमंत सोरेन की मौजूदगी में मंगलवार को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स के बीच MoU किया गया। इसके तहत जमशेदपुर में अत्याधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जायेगा। संबंधित अधिकारियों की ओर से जमशेदपुर में स्थापित होने जा रहे Institute of Driving Training and Research (IDTR) के लिए परिवहन विभाग, झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स के बीच समझौता पर हस्ताक्षर किए गए।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने इस पहल को झारखंड के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सभी संबंधित पक्षों को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार दिया। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में बनने वाला यह संस्थान राज्य में सुरक्षित और आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस साझेदारी से सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के साथ परिवहन क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद । उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षित, कुशल एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। IDTR की स्थापना से युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी तथा राज्य में सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। उनके अनुसार, राज्य सरकार कौशल विकास, रोजगार सृजन एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी पहल कर रही है। टाटा मोटर्स लिमिटेड के सहयोग से स्थापित होने वाला यह संस्थान प्रशिक्षित एवं दक्ष चालकों के निर्माण के साथ परिवहन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे ड्राइविंग प्रशिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी तथा आधुनिक सुविधाओं और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर, लाभुकों से किया सीधा संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के लाभुकों से सीधा संवाद कर ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आवेदन की समयावधि, वाहन श्रेणी तथा लाइसेंस प्राप्ति में आने वाली संभावित कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी आवेदक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने पर बल दिया। साथ ही, सभी जिलों के उपायुक्तों को लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनका त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस दौरान पलामू, सरायकेला-खरसावां, धनबाद सहित विभिन्न जिलों के लाभुकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला एवं पुरुष दोनों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है। परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्निंग लाइसेंस एवं ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ एवं पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि वे कौशल विकास से जुड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं संस्थागत सहयोग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स लिमिटेड के मध्य स्थापित यह साझेदारी राज्य में सुरक्षित, आधुनिक एवं दक्ष परिवहन व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि IDTR की स्थापना से युवाओं को आधुनिक तकनीक एवं वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही, सड़क सुरक्षा, दुर्घटना नियंत्रण तथा परिवहन क्षेत्र से जुड़े अनुसंधान एवं नवाचार को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राज्य में सुरक्षित एवं सुदृढ़ परिवहन तंत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी पहल को साकार करने के लिए वे स्वयं पिछले कई वर्षों से प्रयासरत थे और आज इसका मूर्त रूप लेना झारखंड के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचारी एवं संस्थागत प्रयासों का निरंतर विस्तार राज्य की प्रगति, कौशल विकास तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी सरल, सुलभ और पारदर्शी

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया जितनी सरल, सुलभ एवं पारदर्शी होगी, उतना ही आम नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग परिवहन क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, इसलिए सभी चालकों के पास वैध एवं मान्यता प्राप्त ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि आज राज्य के 10 हजार से अधिक नागरिकों को ड्राइविंग एवं लर्निंग लाइसेंस उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो परिवहन सेवाओं को अधिक जनोन्मुखी, पारदर्शी एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साथ ही, परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि टाटा मोटर्स के सहयोग से विकसित व्यवस्था की तर्ज पर हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को भी अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।

लंबित ड्राइविंग लाइसेंस आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के दिए निर्देश

अंत में मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को पूरी प्रतिबद्धता एवं दक्षता के साथ कार्य करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस से संबंधित सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र आवेदक को पारदर्शी एवं सुगम प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित समय पर लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग के सतत प्रयासों से आम नागरिकों को बेहतर, त्वरित एवं जनोन्मुखी सेवाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा, टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया, टाटा मोटर्स के जनरल मैनेजर गोलम मंडल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।