
RANCHI : झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. एक तरफ जहां राज्य के हजारों युवा रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में जुटकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने दिल्ली में संसद भवन के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी नेताओं ने परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई (CBI) जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और 'झामुमो-कांग्रेस सरकार युवाओं के भविष्य का सौदा बंद करें' व 'पेपर लीक बंद करो' जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग
संसद भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफे की मांग की है. इसके साथ ही बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लेते हुए इस पूरे घोटाले पर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए और कांग्रेस से हेमंत सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की मांग की. इस विरोध प्रदर्शन में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, धनबाद सांसद ढुल्लू महतो, पलामू सांसद बी.डी. राम, जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो और चतरा सांसद कालीचरण सिंह सहित कई प्रमुख नेता शामिल थे.
भारी बारिश के बीच सड़कों पर उतरे छात्र
दूसरी ओर, झारखंड के आंदोलित छात्र बुधवार से दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर अपनी मांगों को लेकर रांची की सड़कों पर उतर आए हैं. मूसलाधार बारिश के बावजूद छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे छाता लेकर पैदल मार्च निकालते व प्रदर्शन करते दिखाई दिए. आंदोलनकारियों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि जब तक राज्य की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शी सुधार नहीं होता, तब तक उनका यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा. इसके साथ ही आंदोलनरत छात्रों ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी राजनीतिक दलों को हिदायत दी है कि वे छात्रों के इस आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने या इसका श्रेय लेने की कोशिश न करें.