
रांची: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा में बुधवार को शिशु विकास मंदिर समिति (झारखंड) के तत्वावधान में 'अरुणोदय' पत्रिका लोकार्पण सह आचार्य सम्मान समारोह–2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में नव-निर्मित शूटिंग रेंज का भी उद्घाटन किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृत भारती के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्रीश देवपुजारी तथा पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। शिशु विकास मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव गोस्वामी ने राज्यपाल सहित सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न एवं पौधा भेंटकर सम्मानित किया।
विद्यालय की वार्षिक पत्रिका 'अरुणोदय' का परिचय इसकी संपादक प्रियदर्शी कश्यप ने दिया। इसके बाद अतिथियों ने पत्रिका का लोकार्पण किया। समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं एकल गीत ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
अपने संबोधन में श्रीश देवपुजारी ने महर्षि वेदव्यास के साहित्यिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य केवल ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि संस्कारों के संवाहक भी होते हैं। वहीं समीर उरांव ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, खेल सुविधाओं और व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1970 में स्थापित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा आज लगभग तीन हजार विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभावना का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान, रचनात्मकता और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने तथा अनुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र के वास्तविक निर्माता हैं और उनके हाथों में देश का उज्ज्वल भविष्य सुरक्षित है।
समारोह के दौरान विद्यालय के वरिष्ठ आचार्यों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर शिशु विकास मंदिर समिति के पदाधिकारी, विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।